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Nursing Course: हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों के लिए 160, निजी के लिए 80 सीटें आवंटित

Wed, 26 Jun 2024 10:42 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

वर्ष 2024-25 के लिए हिमाचल मेडिकल कॉलेजों में 160 और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 80 सीटों का आवंटन किया गया है।
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आईजीएमसी शिमला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल में नर्सिंग कोर्स के लिए सरकार ने मेडिकल कॉलेज और मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों के लिए सीटों का आवंटन कर दिया है। वर्ष 2024-25 के लिए हिमाचल मेडिकल कॉलेजों में 160 और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 80 सीटों का आवंटन किया गया है। जनरल नर्सिंग और मिड वाइफ के लिए यह तीन साल का कोर्स होगा। हिमाचल प्रदेश में आईजीएमसी, टांडा, नेरचौक, चंबा, हमीरपुर और नाहन छह मेडिकल काॅलेज हैं। इनमें यह कोर्स कराए जाते हैं, निजी संस्थानों को भी सरकार ने कोर्स कराने की मान्यता दी है। हिमाचल प्रदेश में 50 से ज्यादा सरकारी और निजी स्वास्थ्य  संस्थान है। 

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सरकार की ओर से नर्सिंग स्कूल और कॉलेज खोलने के नियम बनाए गए हैं। इसमें नर्सिंग संस्थानों में आधारभूत ढांचा, अध्यापन स्टाफ, उपकरण और अन्य व्यवस्थाओं को अनिवार्य किया गया है। सरकार की ओर से जिन संस्थानों को कोर्स कराने की मान्यता दी गई है। शिक्षा स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से इनका आधारभूत ढांचा और अन्य सुविधाओं को जांचा जाएगा। नियमों के अनुसार नर्सिंग संस्थान खोलने की अनुमति से पहले भवन सहित आधारभूत ढांचा होना अनिवार्य किया है। इसी के हिसाब से सीटें निर्धारित की जाएंगी।

अभ्यर्थियों को प्रैक्टिकल करने के लिए प्रयोगशाला सहित कैंपस का होना जरूरी है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल में कई नर्सिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली पर अंगुलियां उठती रही हैं। स्वास्थ्य शिक्षा निदेशालय की ओर से समय समय पर निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आती रही हैं। बाकायदा इसको लेकर निदेशालय से नोटिस तक जारी भी हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि हिमाचल में ऐसी नर्सें तैयार हों, जो हिमाचल के स्वास्थ्य संस्थानों के अलावा विदेशों में भी बेहतर काम कर सकें।

भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में संगीत के अध्येता बनाए गए डाॅ. टेक चंद कौल
भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस) में हिमाचल के डाॅ. टेक चंद कौल संगीत विषय के फैलो बने हैं। वह पहले हिमाचली हैं, जिनका चयन संस्थान में संगीत के फैलो के रूप में हुआ है। कौल संगीत, अध्यात्म और दर्शनशास्त्र को लेकर शोध कार्य करेंगे। डॉ. टीसी कौल ने संगीत की गायन विधा में एमए, एमफिल और पीएचडी के साथ-साथ यूजीसी नेट भी उत्तीर्ण किया है। इसके पश्चात 2016 से 2021 तक उनका चयन यूजीसी की पोस्ट- डॉक्टरेट फैलोशिप के लिए हुआ। अब तक इनकी 5 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
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लगभग 4 पुस्तकों में इनके लेख अध्यायों के रूप में प्रकाशित हो चुके हैं। इसके साथ-साथ इनके लगभग 30 से अधिक शोधपत्र एवं शोध लेख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। डॉ. कौल बहुत सी संगीत संगोष्ठियों और कार्यशालाओं में व्याख्यान प्रस्तुत कर चुके हैं। डॉ. कौल पटियाला घराने के विख्यात गायक पद्मश्री प्रो. सोमदत्त बट्टू के शिष्यों में से एक हैं। वह पहले हिमाचली हैं, जिनका चयन संस्थान में संगीत के फैलो के रूप में हुआ है। कौल संगीत, अध्यात्म और दर्शनशास्त्र को लेकर शोध कार्य करेंगे। डॉ. टीसी कौल ने कहा कि वह संगीत, अध्यात्म और दर्शनशास्त्र को लेकर शोध कार्य करेंगे।
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