प्रदेश में खुलने जा रहे तीन हजार नर्सरी स्कूलों में बेरोजगार प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिकाओं ने नौकरी देने की मांग को लेकर शुक्रवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मुलाकात की। बेरोजगार प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका संघ जिला मंडी की अध्यक्ष आपा राणा की अगुवाई में मिले प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर अध्यापिकाओं की नियुक्तियां बैचवाइज करने की मांग की।
बेरोजगार प्रशिक्षित नर्सरी अध्यापिका संघ जिला मंडी की अध्यक्ष आपा राणा, उपप्रधान मधुबाला, मंत्री अंजली, सपना, सीमा, सुनीता, कमलेश, बबली, पुष्पा और शकुंतला ने मुख्यमंत्री को बताया कि भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा 50 वर्ष करने की छूट दी जाए। नियुक्ति बिना किसी शर्त के की जाए।
नर्सरी की योग्यता जमा दो पास और नर्सरी का विशेष प्रमाण पत्र रखा जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने साल 1996-97 में नर्सरी अध्यापिकाओं को प्राथमिक पाठशालाओं में लगाया था। इसके बाद प्रदेश में कहीं भी नर्सरी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई।
इसके चलते नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वाली अधिकांश अध्यापिकाओं की आयु 50 साल पार हो गई है। उधर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि टेट पास करने वालों को ही नौकरी दी जा सकती है।
ऐसे में इनकी नियुक्ति में कानूनी नियम आड़े आ सकते हैं। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि नर्सरी स्कूल खोलने की केंद्र सरकार ने अनुमति दी है। शिक्षक भर्ती भी केंद्र के नियमानुसार होगी। इस मामले पर अंतिम फैसला कैबिनेट बैठक में होगा।