बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रणौत के विवादित बयानों के खिलाफ एनएसयूआई ने मोर्चा खोल दिया है। हाल में पद्मश्री मिलने के बाद अभिनेत्री ने देश की आजादी को लेकर विवादित बयान दिया है। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें घेरना शुरू कर दिया है।
शनिवार को मनाली के सिमसा स्थित कंगना रणौत के घर कार्तिकेय निवास के बाहर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अभिनेत्री के घर के बाहर फूल लगाकर उनके बयान पर शांति का संदेश देते हुए कड़ी निंदा की। ‘कंगना गेट वेल सून’ के नारे भी लगाए।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय सोशल मीडिया सह संयोजक अजीत शर्मा ने कहा कि देश का अपमान सहन नहीं होगा। किसी भी व्यक्ति को स्वतंत्रता सेनानियों पर नकारात्मक टिप्पणी करने का हक नहीं है। कहा कि जल्द अभिनेत्री के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए। उनको मिला पद्मश्री सम्मान भी वापस लिया जाए।
अभिनेत्री ने शहीद क्रांतिकारियों की प्रतिष्ठा का अपमान किया है। वहीं, बीते शुक्रवार को मनाली थाना में कंगना के खिलाफ कांग्रेस की महिला नेता विद्या नेगी शिकायत दर्ज करवा चुकी हैं। इस दौरान सौरभ शर्मा, अंकुश ठाकुर, चिराग शर्मा, चिराग धीमान, ऋषभ शर्मा, गौरव, शिवांश गौतम सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कंगना के खिलाफ दर्ज हो देशद्रोह का केस : डॉ. राजेश
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता एवं प्रोफेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने डीजीपी संजय कुंडू से अभिनेत्री कंगना रणौत के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज करने की मांग की है। कहा कि कंगना कह रही हैं कि हमें 1947 में आजादी भीख मांग कर मिली। कंगना का यह बयान आजादी की लड़ाई लड़ने वाले लाखों स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है। कंगना का बयान देशद्रोह के दायरे में आता है। कांग्रेस इस सबंध में डीजीपी को पत्र भी लिखेगी।
प्रेस बयान में डॉ. राजेश ने कहा कि पद्मश्री एक बहुत बड़ा सम्मान है। यह राष्ट्र के उन लोगों को मिलता है, जिन्होंने किसी कार्य में महारत हासिल की हो या समाज भलाई का कोई अतुलनीय कार्य किया हो। कंगना को भी यह सम्मान मिला तो उन्हें इसकी गरिमा भी बनाए रखनी चाहिए थी। भारत सरकार को कंगना से पद्मश्री वापस लेना चाहिए।