नए लोकायुक्त विधेयक का ड्राफ्ट लगभग तैयार हो गया है। इसमें मुख्यमंत्री के खिलाफ जांच की मंजूरी के लिए विधानसभा को अधिकृत किया गया है। मुख्यमंत्री, मंत्री, अधिकारी सभी इसके दायरे में आएंगे। चार अगस्त को इसके ड्राफ्ट पर सेलेक्ट कमेटी अंतिम निर्णय लेगी।
यह जानकारी राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने दी है। नए लोकायुक्त विधेयक में मुख्यमंत्री के खिलाफ भी किसी तरह के अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के प्रारंभिक साक्ष्य मिलते हैं, तो विधानसभा इस पर आगामी जांच को मंजूरी दे सकती है।
यह जानकारी बुधवार को राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने सचिवालय में दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा ड्राफ्ट के मुताबिक मंत्री के खिलाफ स्वयं मुख्यमंत्री और सचिवों के खिलाफ मुख्य सचिव आगामी जांच की मंजूरी दे सकेंगे।
मुख्य सचिव के खिलाफ यह मंजूरी स्वयं मुख्यमंत्री देंगे। एचओडी को मंजूरी संबंधित सचिव देंगे। कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि लोकायुक्त कमेटी एक सदस्यीय ही होगी। पहले तीन लोकायुक्तों की नियुक्ति का प्रावधान किया जा रहा था। अब एक का ही होगा।
लोकायुक्त विधेयक के अंतिम ड्राफ्ट पर जल्दी निर्णय होगा। चार अगस्त को सेलेक्ट कमेटी में इसे अंतिम रूप देने के बाद यह कैबिनेट में जाएगा। उसके बाद विधानसभा में पास होने को जाएगा।