राजधानी के उप नगर संजौली स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल के बच्चे अब खुले आसमान के नीचे टॉयलेट के लिए शर्मिंदा नहीं होंगे। स्कूल के पास अब एक दो नहीं बल्कि चार शौचालय होंगे। मंदिर कमेटी के दो शौचालयों की मरम्मत की जाएगी जबकि दो और शौचालयों का निर्माण किया जाएगा।
सनातन धर्म प्रबंधक मंदिर कमेटी ने प्रारंभिक शिक्षा विभाग को लिखित में कहा कि स्कूल परिसर में शौचालय निर्माण को लेकर कमेटी को कोई आपत्ति नहीं। कमेटी ने शिक्षा विभाग को एनओसी भी दे दिया है।
शिक्षा विभाग प्रारंभिक के बीईईओ की अध्यक्षता वाली टीम ने दो बार स्कूल का दौरा कर शौचालय निर्माण को लेकर रिपोर्ट बनाकर सौंपी है। साथ ही टीम ने दो पुराने शौचालयों के रेनोवेशन और नए के निर्माण में आने वाले खर्चों का अनुमान बनाकर विभाग को दिया है।
निदेशक को सौंपा एस्टीमेट
टीम ने इसे लेकर करीब एक लाख का एस्टीमेट उप निदेशक को सौंपा है। उप निदेशक प्राइमरी कश्मीर सिंह रणौत ने कहा कि रिपोर्ट को एग्जामिन करने के बाद निदेशालय को भेज दी है। उन्होंने कहा कि जैसे ही राशि मंजूर होती है, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
क्या है मामला
संजौली के लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में बने प्राइमरी स्कूल में छात्र और छात्राओं के लिए शौचालय की सुविधा नहीं है। मंदिर कमेटी और स्कूल प्रबंधन के बीच विवाद के कारण बच्चों को खुले आसमान के नीचे लघुशंका के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ‘अमर उजाला’ ने इस समस्या को प्रमुखता से उजागर किया।
इसके बाद सरकार, विभाग और मंदिर कमेटी सभी हरकत में आए और शौचालय निर्माण के लिए प्रक्रिया शुरू की। खबर प्रकाशित होने के बाद मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को प्रदेश भर के सभी स्कूलों में शौचालयों की स्थिति स्पष्ट कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिए हैं।