आईजीएमसी शिमला की इमरजेंसी लैब में अब सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे टेस्ट होंगे। इससे आपात स्थिति में आए मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी। अस्पताल प्रबंधन ने लैब में आधुनिक मशीनें स्थापित कर दी हैं। इससे एक छत के नीचे 53 तरह के मेडिकल टेस्ट हो पाएंगे। मरीजों को निजी लैब के चक्कर भी नहीं काटने होंगे। निजी लैब तय समय पर ही टेस्ट करने का काम करती है तो ऐसे में अस्पताल की लैब के 24 घंटे चलने से समय की बर्बादी कम होगी और टेस्ट रिपोर्ट जल्द मिलेगी।
एक घंटे के भीतर मरीजों को रिपोर्ट मिलने का दावा किया जा रहा है। अस्पताल की इस लैब में कार्डियक, आयरन और हार्मोनल, आरएफटी, एलएफटी, लिपिड, इलेक्ट्रोलाइट्स, एडी, हेमेटोलॉजी (एचबी) सीबीसी, इलेक्ट्रोलाइट्स के अलावा 53 तरह के टेस्ट शुरू करने का दावा अस्पताल प्रबंधन ने किया है। लैब में स्थापित मशीन में एक घंटे में एक हजार चालीस सैंपलों की जांच एक घंटे में की जा सकेगी। इसके अलावा लिथियम टेस्ट भी लैब में होगा।
बिलासपुर से आया एक और मरीज
आईजीएमसी में स्क्रब टायफस पॉजिटिव मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। बुधवार शाम को बिलासपुर से रेफर एक मरीज को आईजीएमसी शिफ्ट किया है। यह मरीज 70 साल का है।
नो रिटर्न लैब बनाएंगे : डॉ. जनक
आईजीएमसी के एमएस डॉ. जनक राज ने कहा कि इस प्रयोगशाला को नो रिटर्न लैब
बनाएंगे। यहां कोई भी मरीज बिना जांच के नहीं लौटेगा। कहा कि जांच रिपोर्ट कम समय में मिलने से गंभीर मरीजों के इलाज में तेजी आएगी।