चीड़ पत्ती पर आधारित छोटे उद्योगों से सिंगल विंडो का पेच खत्म हो गया है। अब 50 लाख रुपये से कम लागत वाले प्रोजेक्ट को वन विभाग खुद मंजूरी दे सकेगा। यही नहीं विभाग छोटे उद्योगों की सब्सिडी भी स्वयं जारी कर सकेगा। पहले छोटे बड़े सभी उद्योग लगाने के लिए सिंगल विंडो की मंजूरी लेनी पड़ती थी। इस प्रक्रिया में समय लग जाता था। अब प्रदेश सरकार ने इसका सरलीकरण किया है।
प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक की मंजूरी के बाद वन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की है। 50 लाख और इससे अधिक के प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए सिंगल विंडो में जाएंगे। प्रदेश सरकार के इस फैसले से छोटे उद्योगपतियों को बड़ी राहत मिलेगी। हिमाचल के वनों में आग की घटनाएं कम करने और उद्योगों में चीड़ की पत्तियां ईंधन के रुप में उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। राज्य सरकार हिमाचल में ज्यादा से ज्यादा उद्योग स्थापित करना चाहती है ताकि, प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर सके।