हिमाचल के 10 निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया की जांच पूरी होने के बाद अब निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों की नियुक्ति प्रक्रिया जांचने का काम शुरू हो गया है। राज्य निजी शिक्षण नियामक आयोग ने सभी डिग्री, तकनीकी और मेडिकल कॉलेजों से रिकार्ड मांग लिया है। प्रिंसिपलों की शैक्षणिक योग्यता की भी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा निजी विश्वविद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों के रिकॉर्ड खंगालने का काम भी शुरू हो गया है।
हिमाचल में निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग का गठन होने के बाद पहली बार कुलपतियों, प्रिंसिपलों और शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की जा रही है। बीते दस वर्षों के दौरान खुले निजी शिक्षण संस्थानों से इस संदर्भ में कभी भी पड़ताल नहीं हुई है। आयोग की इस कार्रवाई से कई निजी संस्थानों में हड़कंप मच गया है। प्रदेश में चल रहे 16 निजी विश्वविद्यालयों में से दस के कुलपति अयोग्य पाए गए हैं। इस जांच को पूरा करने के बाद अब आयोग ने निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों पर शिकंजा कसना शुरू किया है। इसी कड़ी में आयोग की ओर से सभी निजी कॉलेजों को पत्र जारी कर प्रिंसिपलों से संबंधित सारा रिकॉर्ड आयोग के समक्ष रखने को कहा गया है।
इस रिकार्ड की जांच के लिए जल्द ही आयोग द्वारा एक कमेटी का गठन किया जाएगा। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि निजी शिक्षण संस्थानों में गुणात्मक शिक्षा मिले, इसके लिए प्रिंसिपलों और शिक्षकों का योग्य होना बहुत जरूरी है। इसके चलते ही आयोग ने प्रिंसिपलों की नियुक्ति प्रक्रिया और उनकी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित सारा रिकॉर्ड तलब किया है।