साथ ही उन्हें खाद व अन्य सामग्री बेचने पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। पीओएस के प्रयोग से सभी कार्य पूर्ण रूप से रसीद पर आधारित होंगे। इससे खाद की कालाबाजारी भी रुकेगी। इस व्यवस्था से यह भी पता चल पाएगा कि किस किसान ने कितनी खाद की।
योजना के तहत ऑनलाइन पंजीकरण करवाने के लिए किसान को अपने दस्तावेज की कॉपी व आधार कार्ड नंबर जमा करवाना होगा। इससे किसान का जमीन पर मालिकाना हक का पता चल पाएगा। इसके अलावा योजना के तहत दो दिनों के भीतर सब्सिडी किसानों के खातों में पहुंचेंगी।
गौरतलब है कि इससे पहले पूर्व कांग्रेस सरकार ने बेरोजगारी भत्ता योजना का शुभारंभ 15 अप्रैल को ऐतिहासिक चौगान से शुभारंभ किया था। पिछले एक साल में यह दूसरा मौका है, जब किसी योजना का चंबा से शुभारंभ होगा।
कृषि विभाग के उपनिदेशक धर्म चंद डोगरा ने इसकी पुष्टि की है। कहा कि एक फरवरी से पूरे राज्य में डीबीटी योजना शुरू होगी। इसके तहत किसानों को खाद की सब्सिडी मिलेगी।