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ग्रामीण समृद्धि योजना में रोजगार के नाम पर ठगी, ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा

Sat, 03 Feb 2018 12:46 PM IST
खेमराज शर्मा / सरोज पाठक, अमर उजाला, बरमाणा / बिलासपुर
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ग्रामीण समृद्धि योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। रोजगार देने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से पैसे ऐंठे गए हैं। पैसा जमा कराने के बावजूद युवाओं को नौकरी नहीं मिली। इस संबंध में प्रदेश भर के विभिन्न थानों में मामले भी दर्ज हो गए हैं। 

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बिलासपुर के बरमाणा थाना में भी आठ युवाओं ने योजना से जुड़ी कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। युवाओं ने पीएमओ को पत्र लिखकर कहा है कि केंद्र सरकार की योजनाओं के नाम पर भी ठगी की जा रही है। 

युवाओं अनूप कुमार, पल्लवी, रीना, रोहित, शशि कुमार, कामिनी गौतम, बेगमा देवी और अनीश शर्मा ने बताया कि अगस्त 2017 में उन्हें पता लगा कि ग्रामीण समृद्धि योजना में रोजगार का अवसर मिल रहा है। उन्होंने ऑनलाइन देखकर वहां से फार्म निकाले। 

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ऐसे हुआ फर्जीवाडे का भंडाफोड़

इसके बाद ऑफलाइन फार्म भरकर साइट पर लिखे पते पर भेजे। इसमें कोलकाता का पता लिखा था। युवाओं ने बताया कि अक्तूबर में उनकी तरफ से लेटर आया। इसमें काउंसलिंग फार्म, शपथपत्र तथा एडमिट कार्ड था।

कहा गया कि एडमिट कार्ड को भरकर उसके साथ 2500 रुपये का ड्राफ्ट सिक्योरिटी के रूप में ग्रामीण समृद्धि योजना के नाम पर भेजें। दिसंबर में कंपनी का जवाब आया कि चार से दस मार्च तक शिमला में ट्रेनिंग होनी है।

बाकायदा दो होटल बुक किए गए। इसमें भी कंडीशन लगाई गई थी कि अभ्यर्थी के पास लैपटॉप नहीं है तो इसके लिए 7200 रुपये का अलग से ड्राफ्ट बनाना होगा।
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प्रदेश भर में दर्ज हुए हैं मामले

आवेदकों ने ड्राफ्ट भेज दिए। इसके बाद जब वे कंपनी की वेबसाइट देखने की कोशिश कर रहे हैं तो साइट खुल नहीं रही। युवाओं के अनुसार 15 जनवरी के बाद से योजना की साइट, मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी बंद हैं।

20 जनवरी को मामले की ऑनलाइन शिकायत की गई, जिसके बाद मामले को बरमाणा थाने रेफर किया गया। युवाओं ने पीएमओ को भी लिखा है। इसका कोई जवाब नहीं आया है।

मामले की जांच कर रहे एएसआई प्रभाकर ने कहा कि मामले को लेकर युवाओं ने 20 जनवरी को ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में इस तरह के मामले दर्ज हुए हैं। सभी मामलों की जांच कर रिपोर्ट शिमला भेजी जाएगी। इसके बाद एक जगह पर ही मामलों की जांच होगी।
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