हिमाचल में अब मिट्टी की जांच के बाद ही भवनों का निर्माण हो सकेगा। सरकार ने टीसीपी एक्ट में इसका प्रावधान किया है। मिट्टी की जांच के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग एजेंसी को हायर करने जा रहा है।
प्लॉट मालिक जब भवन निर्माण के लिए नक्शा पास करने के लिए आवेदन करेंगे। इस बीच, टीसीपी एजेंसी के अधिकारी मौके पर जाकर जमीन का निरीक्षण करेंगे। इंजीनियर की रिपोर्ट के आधार पर ही कंस्ट्रक्शन की अनुमति दी जाएगी।
बरसात के चलते हिमाचल में कई भवन गिर चुके हैं, जबकि कई भवनों को खतरा बना हुआ है। सरकार का मानना है लोग अपनी मर्जी से भवनों का निर्माण कर रहे हैं। इसमें न तो इंजीनियरों की सलाह ली जा रही है और न ही कंस्ट्रक्शन के दौरान सरिया, सीमेंट और रोड़ी-बजरी का सही इस्तेमाल हो रहा है। इससे भवनों को खतरा हो रहा है।
सही मायने में जमीन की जांच और कंस्ट्रक्शन किए जाने से न तो भवन गिरेंगे और न ही लोग बरसात में डर-डर के मकानों में रहेंगे। अब मिट्टी की जांच के बाद ही हिमाचल में कंस्ट्रक्शन होगी। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं। टीसीपी एक्ट में भी इसका प्रोविजन कर दिया गया है।- सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री