निजी क्लीनिकों में सेवाएं देने वाले सरकारी डॉक्टरों पर शिकंजा कसेगा। स्वास्थ्य महकमा सरकारी डॉक्टरों पर नजर रखने के लिए पुलिस की मदद लेने जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं कि ऐसे सरकारी डॉक्टरों पर नजर रखी जाए, जो निजी क्लीनिकों में काम कर रहे हैं।
जरूरत पड़े तो पुलिस की मदद भी ली जाए। प्रदेश के सरकारी डॉक्टरों की निजी क्लीनिकों में काम करने की शिकायतें सरकार को लगातार मिल रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री के पास शिकायतें पहुंची हैं कि कई सरकारी डॉक्टर अस्पताल में इलाज करने से इनकार कर मरीजों को निजी क्लीनिकों में जाने को मजबूर करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से इस तरह की अधिक शिकायतें मंत्री के पास पहुंची हैं।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने ड्यूटी में कोताही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी की है। कौल सिंह का कहना है कि अगर सरकारी डॉक्टर निजी क्लीनिकों में काम करते हुए या मरीजों को जबरन निजी क्लीनिकों में भेजते हुए पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एक डॉक्टर की जांच सीआईडी को सौंपी
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने बताया कि चंबा की एक महिला डॉक्टर की पठानकोट में निजी क्लीनिक में तैनाती की शिकायत मिली है। उक्त महिला डॉक्टर छुट्टी लेकर पठानकोट में निजी क्लीनिक में सेवाएं दे रही है। इस मामले की जांच सीआईडी को सौंपी गई है।