इसमें एमवीआई गाड़ियों के कागजात, प्रदूषण, कितनी धुआं छोड़ती है, गाड़ी किस कंडीशन में है, यही नहीं एमवीआई खुद गाड़ी चलाकर जांच लेता है, लेकिन अब सारा काम मशीन के माध्यम से होगा।
गाड़ी मशीन के भीतर जाएगी। जो कार्य एमवीआई के हाथों से होता है वह अब मशीन करेगी। गाड़ी को पास या फिर रिजेक्ट करना किसी के हाथ में नहीं होगा। अतिरिक्त आयुक्त सुनील शर्मा ने बताया कि अब मैनुअली नहीं, बल्कि मशीन से गाड़ियों की पासिंग होगी।
हिमाचल को प्रदूषण मुक्त करने के लिए आईसीएटी केंद्र को स्थापित किया जा रहा है। परिवहन विभाग की इस पहले से हिमाचल में वायु प्रदूषण नियंत्रण में होगा। सड़कों पर वही वाहन चलेंगे जो मानकों पर सही पाए जाएंगे।
इसलिए चूना गया बद्दी
परिवहन विभाग ने बद्दी स्थान को इसलिए चुना है, क्योंकि यह इंडस्ट्रियल एरिया है। इस क्षेत्र में ज्यादातर वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में यहां ज्यादा प्रदूषण होने की संभावना होती है।