तीनों घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया। संत राम घटनास्थल पर ही दम तोड़ चुका था। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सपुर्द कर दिया है।
घटना से कांग्रेसियों और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई है। संत राम कांग्रेस सेवादल के ब्लॉक अध्यक्ष एवं युवा कांग्रेस का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं।
उधर, प्रशासन की तरफ से हल्का कानूनगो मोती राम ने घायलों को पांच-पांच हजार की फौरी राहत, जबकि मृतक के परिजनों को 15 हजार की राशि प्रदान की है। डीएसपी करसोग अरुण मोदी ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।