आईजीएमसी अस्पताल में आने वाले मरीज और तीमारदारों को अब चालान की चिंता से मुक्ति मिलेगी। आईजीएमसी गेट के ठीक सामने तीमारदार गाड़ी खड़ी कर सकते हैं।
यहां करीब पच्चीस गाड़ियों के लिए जगह बनाई गई है। मौके पर ट्रैफिक कांस्टेबल से बात करने के बाद गाड़ी पार्क कर सकते हैं। यह सुविधा केवल मरीजों के लिए है।
अस्पताल के भीतर मरीजों की गाड़ी खड़ी करने पर प्रतिबंध है। मौजूदा समय में मरीज और उनके साथ आए तीमारदारों को गाड़ी खड़ी करने की सबसे बड़ी दिक्कत पेश आती है।
पहले कट जाता थ्ाा चालान
अस्पताल गेट पर मरीज को उतारने के बाद गाड़ी को तुरंत बाहर भेज देते हैं। अब तीमारदार मरीज का उपचार करवाएं या फिर गाड़ी की तीमारदारी करें। इस स्थिति में तीमारदार के पास सड़क के किनारे गाड़ी खड़ी करने के अलावा कोई चारा नहीं रहता।
जब तक तीमारदार मरीज को लेकर लौटकर आते हैं तो उस समय गाड़ी को या तो पुलिस क्रेन उठा कर ले जाती है या 1500 रुपये का चालान कटा होता है।
डीएसपी ट्रैफिक दिनेश शर्मा ने कहा कि यहां पेश आ रही दिक्कतों को देखते हुए मरीजों को कुछ देर के लिए छूट दी गई है।