प्रदेश में मेडिकल लैब का संचालन अब सिर्फ एमबीबीएस डिग्रीधारक ही कर सकेंगे। स्वास्थ्य सुरक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी मेडिकल लैब संचालकों को निर्देश जारी कर कहा है कि लैब इंचार्ज कम से कम एमबीबीएस डिग्रीधारक होना चाहिए। निदेशालय ने नेशनल काउंसिल फार क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स की बैठक में हुए निर्णय का हवाला देते हुए निर्देश जारी किए हैं।
वर्तमान में प्रदेश में सैकड़ों ऐसे मेडिकल लैब चल रही हैं, जिन्हें बीएससी (एमएलटी) या एमएससी (एमएलटी) चला रहे हैं। हाल के कुछ सालों में देशभर में लैब में जांच के दौरान गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद कुछ समय पहले नेशनल काउंसिल फॉर क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स की बैठक हुई।
इसमें चर्चा हुई कि ऐसी मेडिकल लैब जो बीएससी (एमएलटी) या एमएससी (एमएलटी) चला रहे हैं, वे क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स एक्ट के तहत रजिस्टर नहीं हो सकतीं। बैठक के बाद काउंसिल के चेयरमैन ने लैब इंचार्ज को कम से कम एमबीबीएस डिग्रीधारक होना आवश्यक कर दिया।
इसके बाद प्रदेश के स्वास्थ्य सुरक्षा निदेशालय ने भी सभी लैब संचालकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा डॉ. रमन कुमार ने बताया कि इस संबंध में पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। समय-समय पर ऐसी लैबों की जांच की जाएगी और अगर कहीं पर निर्देशों की अनदेखी का मामला सामने आया तो संबंधित लैब संचालक के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।