हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के चौथे दिन वीरवार को भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश संशोधन) विधेयक-2023 पेश किया गया। प्रस्ताव किया गया है कि हिमाचल प्रदेश राज्य में लागू भारतीय स्टांप अधिनियम की दरों को पिछले दस वर्षों से संशोधित नहीं किया गया है। 50 लाख रुपये से अधिक संपत्ति के विनिमय पर 8 फीसदी शुल्क देने का प्रस्ताव किया गया है। मौजूदा शुल्क दरों के तहत संपत्ति के बाजार मूल्य पर महिलाओं के लिए चार प्रतिशत और अन्य व्यक्तियों के लिए छह प्रतिशत शुल्क दर दिए जाने का प्रस्ताव है।
यदि संपत्ति का बाजार मूल्य पचास लाख से अधिक है तो उस स्थिति में आठ प्रतिशत शुल्क देना होगा। इसके अलावा दत्तक ग्रहण, हस्तांतरण पत्र, संपत्ति का विनिमय, दान, पट्टा, बंधक, मुखतारनामा और बंदोबस्त के लिए स्टांप शुल्क की विद्यमान दरों में आवश्यक परिवर्तन करने का प्रस्ताव किया गया है। एक सौ रुपये की दर वाले विलेख के लिए एक हजार रुपये देने होंगे। परंतु यदि दान विलेख के रजिस्ट्रीकरण की तारीख से एक वर्ष के भीतर वही प्रदाता और लेने वाला दान विलेख जिसका बाजार मूल्य पचास लाख रुपए से अधिक हो तो पूर्वतर मामलों सहित समस्त मामलों में आठ प्रतिशत स्टांप शुल्क प्रभारित किया जाएगा।