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सीएम ने पीजीटी के लिए की बड़ी घोषणा, कम परिणाम देने वाले शिक्षकों को भी राहत

Fri, 23 Nov 2018 04:10 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के स्कूलों में तैनात पीजीटी को बड़ा तोहफा दिया है। वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में अब वाइस प्रिंसिपल तैनात किए जाएंगे। स्कूल लेक्चरर के पदोन्नति कोटे को 50 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जाएगा।

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पीजीटी का नाम भी प्रवक्ता होगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में सार्वभौमिक, नि:शुल्क, अनिवार्य तथा गुणात्मक शिक्षा पर आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षा सम्मेलन में की।

सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कम परीक्षा परिणाम देने वाले अध्यापकों की वार्षिक वेतन वृद्धि पर लगी रोक को भी एक बार के लिए वापस लेने की बात कही। इस सम्मेलन का आयोजन प्रदेश स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन द्वारा किया गया था।  
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मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश में अटल आदर्श विद्या केंद्र खोले जाएंगे। आने वाले समय में प्रदेश में नैतिक शिक्षा और योग को शैक्षणिक पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्मारिका का विमोचन भी किया। इस स्मारिका का संपादन प्रेम शर्मा ने किया। 

स्मारिका का विमोचन किया

मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्मारिका का विमोचन भी किया। इस स्मारिका का संपादन प्रेम शर्मा ने किया। मुख्यमंत्री को स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में पांच लाख का चेक भेंट किया।

मुख्यमंत्री ने प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि आज शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार की आवश्यकता है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद शांता कुमार ने कहा कि योग तथा नैतिक शिक्षा को शैक्षणिक पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बनाना चाहिए।

इस दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री किशन कपूर, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला, विधायक राकेश पठानिया, रविंद्र धीमान, मुलख राज प्रेमी, पूर्व विधायक दूलो राम और कषि विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रो. अशोक आदि उपस्थित रहे।
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38 पीजीटी की कम परिणाम देने पर रोकी थी इंक्रीमेंट

बोर्ड परीक्षाओं में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले 38 पीजीटी की शिक्षा निदेशालय वार्षिक वेतन वृद्धि रोक चुका है। जमा दो कक्षा की परीक्षाओं में इन शिक्षकों के विषयों का परिणाम 25 फीसदी से कम था।

इसके अलावा बोर्ड के परीक्षा परिणाम से 50 फीसदी कम परिणाम देने वाले 150 पीजीटी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। दसवीं कक्षा में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले टीजीटी की इन दिनों प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय सूचियां बना रहा है।
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