लोगों को अब डिमार्केशन, ततीमा, मुसाबी आदि राजस्व संबंधित दस्तावेजों लेने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एक दिन के भीतर ही लोगों को ये सुविधा मुहैया हो जाएगी। इसके लिए सरकार ने पटवार सर्कलों का पुनर्गठन करने का फैसला लिया है।
एक सर्कल में पटवारी के पास 4000 से 4500 के बीच खसरा नंबर होंगे। इससे लोगों को जहां जल्द सुविधा मिलेगी, वहीं पटवारियों पर भी काम का अतिरिक्त बोझ नहीं रहेगा। प्रदेश में 3200 पटवार सर्कल हैं। पटवार सर्कलों के पुनर्गठन के लिए राजस्व विभाग को 400 के करीब और पटवार सर्कल खोलने पड़ेंगे।
इसके लिए सरकार को नए पटवारी और कानूनगो की जरूरत पड़ेगी। संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी) एवं कानूनगो लंबे समय से पटवार सर्कल खोलने की मांग कर रहे थे। चूंकि सर्कल कम होने से एक सर्कल में 6000 से अधिक खसरा नंबर हो गए थे।
पटवारियों पर लगातार काम बढ़ रहा है। लोगों को डिमार्केशन की तिथियां लंबी दी जा रही थीं। अब सर्कल में कम खसरा नंबर होने से लोगों को समय पर राजस्व संबंधित सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
सरकार के फैसले को सराहा- पटवारी कानूनगो महासंघ ने सरकार के फैसले की सराहना की है। महासंघ के अध्यक्ष प्रताप सिंह ठाकुर ने बताया कि इससे पटवारी और कानूनगो का काम बंट जाएगा।
राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने बताया कि पटवार सर्कलों का पुनर्गठन होगा। इससे जनता को राहत मिलेगी। एक सर्कल में 4000 से 4500 के बीच खसरा नंबर रहेंगे।