आगामी दिनों में चंबा को कवर किया जाएगा। खास बात यह है कि मशीनें आगामी 50 वर्षों तक मध्य हिमालय क्षेत्र की जमीन में भूमि की सतह पर टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल पर नजर रखेंगी।
मशीन के ऊपर लगा एंटीना सैटेलाइट से आईआईटी कानपुर में पूरी जानकारी उपलब्ध करवाएगा।
इसके अतिरिक्त कुछ स्थानों पर जमीन के नीचे लोहे की रॉड रखी जाएगी और चार-पांच माह के बाद इस रॉड से भी मशीन के माध्यम से जानकारी हासिल होगी। प्रोजेक्ट का कार्य देख रहे आईआईटी कानपुर के राजीव ने बताया कि अब तक हिमाचल में 6 मशीनों की स्थापना की जा चुकी है।
कांगड़ा में 1905 और नेपाल में 2015 में आए भूकंप का केंद्र हिमालय क्षेत्र ही रहा है। इसी को देखते हुए मशीनों की स्थापना के लिए पहले चरण में हिमालय क्षेत्र के समीप के स्थानों को चिह्नित किया गया है।