डायबिटीज के रोगियों को बाजार में मिलने वाले महंगे शूगर फ्री उत्पादों का हर्बल और सस्ता विकल्प मिलने जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के खाद्य उद्यान विभाग के वैज्ञानिकों ने यहां पाई जाने वाली मीठी पत्ती (स्टीविया), सेब, किवी, करेला, जामुन, एलोविरा, आंवला, अदरक और अमरूद के पोषक तत्वों से शूगर फ्री पाउडर तैयार करने में सफलता हासिल की है।
ये पाउडर कम ऊर्जा युक्त खाद्य पदार्थ की श्रेणी में आएगा। इस एंटीआक्सिडेंट पाउडर में कैलोरी की मात्रा चीनी युक्त पदार्थों की तुलना में 70 से 75 प्रतिशत कम आंकी गई है। इसे यूनाइटेड स्टेट फूड एंड ड्रग अथॉरिटी (यूएसएफडीए) से प्रमाणित करने की तैयारी है।
वैज्ञानिकों का दावा है कि पाउडर में विटामिन-सी और मिनरल भरपूर मात्रा में होगा जो उच्च रक्त चाप के रोगियों के लिए भी फायदेमंद होगा। नौणी विवि के कुलपति विजय सिंह ठाकुर ने बताया कि कुछ टेस्ट के बाद इसे मार्केट में उतारा जाएगा।
इन बीमारियों में भी होगा फायदेमंद
वैज्ञानिकों के मुताबिक चीनी में पाए जाने वाले सक्रिय घटक जैसे विटामिन-सी, एंथोसियामिन, मिनरल और रेशा आदि को उक्त फलों, सब्जियों और हर्ब से निकाला गया है। इन्हें आयुर्वेद में विभिन्न बीमारियों जैसे उच्च रक्त चाप, मधुमेह, कैंसर आदि की रोकथाम के लिए उपयुक्त माना गया है।
स्वास्थ्य पर नहीं पड़ेगा बुरा असर
एंटीआक्सिडेंट और फाइबर युक्त शूगर फ्री पाउडर पूरी तरह से हर्बल होगा। हालांकि बाजार में मिलने वाले शूगर फ्री उत्पाद केमिकल शोध में लीवर और किडनी के लिए घातक भी बताए गए हैं।
हमारा शोध कार्य अपने अंतिम चरण में है। पाउडर तैयार किया गया है जो बाजार में बिकने वाले अन्य शूगर फ्री पाउडर से सस्ता होगा। इसमें दो तरह की टेस्टिंग बची है। इसके बाद इसे पेटेंट करने की आगामी कवायद शुरू होगी।-डा. राकेश शर्मा, सह वैज्ञानिक, खाद्य उद्यान विभाग, नौणी विवि (सोलन)