भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सुरेश चंदेल को रोकने की भाजपा नेताओं ने कवायद तेज कर दी है। भले ही भाजपा सुरेश चंदेल को पार्टी टिकट नहीं दे पाई है, परंतु उनके कद को देखते हुए निगम या बोर्ड में अध्यक्ष पद से नवाजने का प्रस्ताव उनके समक्ष रखा गया है।
पूर्व सांसद के समक्ष सबसे बड़ा संकट यही है कि वह कांग्रेस का हमीरपुर से टिकट का ठोस आश्वासन नहीं मिलने से दुविधा में पड़ गए हैं। बताया यह भी जा रहा है कि भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में पीएम के हस्तक्षेप के बाद प्रदेश भाजपा संगठन हरकत में आ गया है।
इसी कड़ी में शुक्रवार शाम से बैठकों का दौर शुरू हो गया है। बैठक में सीएम सहित संगठन के नेता शामिल रहे। सुरेश चंदेल ने भी बताया कि वह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा के प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सती से मिले हैं।
सूत्रों का यह भी दावा है कि चंदेल हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से टिकट की शर्त पर 25 मार्च को कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। चंदेल कांग्रेेस में जाने के लिए पिछले कई दिनों से दिल्ली में डेरा जमाए हैं। इस दौरान चंदेल एआईसीसी कोषाध्यक्ष अहमद पटेल, पार्टी की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर से भी मिल चुके हैं।
कांग्रेस का कोई बड़ा नेता चुनाव लड़ने को तैयार नहीं
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता चुनाव लड़ने को तैयार नहीं है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और सुखविंद्र सिंह सुक्खू चुनाव लड़ने को तैयार नहीं हैं। राजेंद्र राणा अपने बेटे के लिए पैरवी करते रहे लेकिन पार्टी ने इसे खारिज कर दिया। रामलाल ठाकुर ने टिकट के लिए आवेदन नहीं किया है।