कॉल बिफोर यू एप देगा सारी जानकारी, जमीन की खोदाई से दुर्घटनाएं और नुकसान होंगे कम
विज्ञापन
डीसी की अध्यक्षता में बचत भवन में दी एप की जानकारी अमर उजाला ब्यूरो शिमला। अब भूमिगत बिजली केबल, गैस पाइपलाइन, पानी की लाइन, ऑप्टिकल फाइबर और अन्य उपयोगिता सेवाओं की खोदाई करने से पहले यह पता चल जाएगा इस जमीन में पहले से कितनी लाइनें बिछी हैं। यही नहीं इसके साथ भूमि किस स्तर की है, कहीं इसमें भूस्खलन का खतरा तो नहीं यह भी जानकारी पहले मिल जाएगी।
यह जानकारी देगा कॉल बिफोर यू डिग मोबाइल एप। यह एप केंद्र सरकार ने तैयार किया है। अब इस एप में पूरे शहर की जानकारी अपडेट की जा रही है ताकि किसी भी निर्माण कार्य से पहले इस एप के जरिये यह पता लगाया जा सके कि यहां भूमिगत केबल बिछाना सही रहेगा या नहीं। यही नहीं इस एप का अन्य निर्माण कार्यों में भी किया जा सकेगा। बचत भवन शिमला में आयोजित कार्यशाला में यह जानकारी दी गई। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने की।
विज्ञापन
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि इस एप का उद्देश्य तभी सफल होगा जब सभी संबंधित विभाग अपने भूमिगत नेटवर्क का सटीक, अद्यतन और डिजिटाइज्ड डाटा उपलब्ध करवाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान के नीचे मौजूद लाइनों की सही जानकारी उपलब्ध नहीं होगी तो केवल अलर्ट या नोटिफिकेशन भेजना पर्याप्त नहीं होगा। इसलिए सभी विभागों को अपने-अपने नेटवर्क का डाटा नियमित रूप से अपडेट करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि यह एप दूरसंचार विभाग की ओर से संचालित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो विभिन्न सरकारी विभागों, उपयोगिता सेवा प्रदाताओं, निर्माण एजेंसियों, ठेकेदारों और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करता है। एप के माध्यम से खोदाई शुरू करने से पहले संबंधित क्षेत्र में मौजूद भूमिगत नेटवर्क की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इससे दुर्घटनाओं, सेवाओं के बाधित होने, आर्थिक नुकसान और जनहानि की आशंका को काफी कम किया जा सकता है। उपायुक्त ने सभी सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, निर्माण एजेंसियों, ठेकेदारों और नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की खोदाई शुरू करने से पहले इस एप का उपयोग अवश्य करें। उन्होंने कहा कि यह सुरक्षित, सरल और प्रभावी डिजिटल पहल है, जो भूमिगत सार्वजनिक अवसंरचना की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ अनावश्यक नुकसान को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यशाला में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, हिमाचल प्रदेश लाइसेंस अथॉरिटी के निदेशक चंद्रभान यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।