वीरभद्र सरकार के समय गठित एचपी बीवरेजेस लिमिटेड में हुए कथित घोटाले की जांच कर रही हिमाचल पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है। शुक्रवार को सचिवालय में प्रमुख सचिव विजिलेंस संजय कुंडू की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय हुआ कि बिना पैसा दिए शराब उठाने वाले ठेकेदार अगर पैसा नहीं जमा कराते हैं तो उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि मई के अंत तक मामले से संबंधित सभी दर्ज अभियोगों की जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही विजिलेंस को भी जांच पूरा कर शासन को सौंपने को कहा गया है। पिछली सरकार के दौरान शराब वितरण के लिए गठित सरकारी कंपनी एचपीबीएल लिमिटेड ने बिना रकम लिए ही कई ठेकेदारों को करोड़ों रुपये की शराब आवंटित कर दी थी। ठेकेदारों ने भी शराब उठाई, लेकिन कभी पैसे नहीं चुकाए।
कुछ समय बाद मामले में जांच हुई तो गड़बड़ी का खुलासा हुआ। इसके बाद शिमला, सोलन, चंबा समेत आधा दर्जन जिलों में इस तरह के घपले की विभाग ने पुलिस में शिकायतें दर्ज करा दीं। मामले दर्ज होने के बावजूद इन पर कोई खास कार्रवाई नहीं हो रही थी, लेकिन प्रमुख सचिव कुंडू ने चार्ज संभालने के बाद लंबित मामलों पर फोकस शुरू कर दिया। यही वजह है कि मामले में अब हर महीने समीक्षा कर आगे की कार्रवाई के निर्देश शासन स्तर से दिए जा रहे हैं।