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देश में क्रांति लाएगी टमाटर की ये नई किस्म

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बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के डिपार्टमेंट ऑफ वेजिटेबल साइंस ने आठ वर्षों के शोध के बाद टमाटर नई प्रजाति तैयार की है। ‘सोलन लालिमा’ नामक इस किस्म को किसान अपने खेतों में उगा सकते हैं।
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मार्केट में इस तरह के बीज की कीमत 60 हजार रुपये प्रति किलो तक है। वैज्ञानिकों का दावा है कि ये किस्म देश में टमाटर क्रांति ला सकती है। यह किस्म आम प्रजातियों से 15 दिन पहले पैदावार देगी।

सामान्य टमाटर 90 दिन में तैयार होता है। इसका आकार भी बड़ा होगा और रसोई में पकाने में भी ज्यादा समय नहीं लगेगा। सब्जी को नेचुरल सुर्ख लाल रंग देने जैसी कई खूबियां इसमें हैं।
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जल्द बाजार में मिलेगा ‌बीज

नौणी विवि के वैज्ञानिक इसे मार्केट में उतारने जा रहे हैं। यूएचएफ नौणी की जनरल (पत्रिका) में इस शोध का प्रकाशन और खुलासा किया जा चुका है। इंडियन हार्टिकल्चर जनरल में भी इस शोध को जल्द छापा जाएगा। इसकी पुष्टि विवि के कुलपति डा. विजय सिंह ठाकुर ने की है।

ये है इस किस्म की खासियत
• घर में तैयार होगा बीज
• सब्जियों में टमाटर देगा सुर्ख लाल रंग
• गैस बचेगी, अन्य टमाटर से जल्दी पकेगा
• 70 से 80 ग्राम तक का होगा एक टमाटर
• सख्त होने के कारण जल्दी नहीं पिचकेगा

पैदावार भी अधिक
‘सोलन लालिमा’ एक हेक्टेयर में 600 के बजाय 800 क्विंटल पैदावार देगा। यहां की हिमसोना, 7711, 2000 प्लस आदि किस्में देश और विदेश में मशहूर हैं।
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ऐसे तैयार की नई किस्म

विश्वविद्यालय के सब्जी विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. एचआर शर्मा ने बताया कि साल 2006 में इस प्रोजेक्ट पर उन्होंने काम शुरू किया था। टमाटर की करीब सात पीढ़ियों की पेडिग्री जांचने और उनसे जींस निकालकर 2013 के अंत में टमाटर की ये नई किस्म तैयार की गई। अध्ययन के बाद अब इसे ट्रायल के लिए उतारा गया है।

ऐसे तैयार होगा बीज
दस किलो सोलन लालिमा से 40 ग्राम बीज तैयार किया जा चुका है। जो 30 बीघा जमीन पर बोया जा सकता है। टमाटर को धूप में पकाकर साफ किया जाएगा। इसके बाद पल्प छानकर बीज और गुद्दा अलग अलग करने होंगे।
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