एचपीयू ने 7 दिन के भीतर दिए शुल्क जमा करने के निर्देश, अमल न किया तो इंटर-कॉलेज प्रतियोगिताओं से हो सकते हैं बाहर
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प्रति विद्यार्थी 15 रुपये वार्षिक खेल शुल्क करना होगा जमा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला ने वार्षिक खेल प्रविष्टि शुल्क जमा न करने वाले 16 सरकारी महाविद्यालयों को नोटिस जारी किया है। विश्वविद्यालय के खेल विभाग के इस पत्र में साफ कहा गया है कि 7 दिन के भीतर शुल्क जमा न करने की स्थिति में संबंधित महाविद्यालयों की शैक्षणिक सत्र 2026-27 की अंतर महाविद्यालय खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर रोक लग सकती है।
नोटिस प्राप्त करने वाले महाविद्यालयों में राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी जिला चंबा, राजकीय महाविद्यालय ऊना, राजकीय महाविद्यालय भरमौर, राजकीय महाविद्यालय चंबा, राजकीय महाविद्यालय थुरल जिला कांगड़ा, राजकीय महाविद्यालय पांगी जिला चंबा, राजकीय महाविद्यालय नाहन जिला सिरमौर, राजकीय महाविद्यालय संजौली, राजकीय महाविद्यालय अर्की जिला सोलन, राजकीय संस्कृत महाविद्यालय सरैन जिला शिमला, राजकीय संस्कृत महाविद्यालय पंजगाईं जिला बिलासपुर, राजकीय महाविद्यालय डाडासीबा जिला कांगड़ा शामिल हैं। इसके अलावा राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट, राजकीय महाविद्यालय रेणुका जी ददाहू जिला सिरमौर, राजकीय महाविद्यालय टकीपुर जिला कांगड़ा और राजकीय महाविद्यालय लंज जिला कांगड़ा को भी नोटिस जारी किए हैं।
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विश्वविद्यालय प्रशासन की अधिसूचना के अनुसार इन सभी महाविद्यालयों को इससे पहले 27 सितंबर 2025, 24 दिसंबर 2025 और 30 जनवरी 2026 को भी पत्र भेजकर वार्षिक खेल प्रविष्टि शुल्क जमा करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद बार-बार पत्राचार और दूरभाष संपर्क के बाद भी शुल्क जमा नहीं करवाया गया है। निर्देशों के अनुसार सत्र 2025-26 के लिए प्रति छात्र 15 रुपये के हिसाब से वार्षिक खेल शुल्क तय है। इसमें जिन महाविद्यालयों में छात्र संख्या 100 से कम हैं उनके लिए न्यूनतम शुल्क 1500 रुपये रखा है। कुलसचिव ज्ञान सागर नेगी की तरफ से नोटिस देने की अधिसूचना जारी की है।
यह दिए थे निर्देश
विश्वविद्यालय ने सभी संबंधित महाविद्यालयों को बैंक ड्राफ्ट, आरटीजीएस या नेफ्ट के माध्यम से शुल्क जमा करने को कहा है। इसके साथ छात्र संख्या प्रमाण पत्र भी अनिवार्य है, जिसे प्राचार्य या संस्थान प्रमुख सत्यापित करेंगे। बिना प्रमाण पत्र के जमा किया शुल्क स्वीकार नहीं होगा। खेल विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी महाविद्यालय ने पहले ही आरटीजीएस या नेफ्ट के माध्यम से शुल्क जमा कर दिया है तो इसकी सूचना ईमेल के जरिये विश्वविद्यालय को दें। देना विश्वविद्यालय ने चेतावनी दी है कि नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर शुल्क जमा न करने की स्थिति में मामला खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधि परिषद की कार्यकारी समिति के समक्ष रखा जाएगा। इसके बाद संबंधित महाविद्यालयों की खेल गतिविधियों में भागीदारी को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।