हाईकोर्ट ने सरकार की रिटेंशन पॉलिसी को रद्द करने के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने में हुई देरी को माफ करने वाले आवेदन पर रिट याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ के समक्ष इस मामले पर सुनवाई हुई।
रिट याचिकाकर्ताओं को देरी के कारण बताने होंगे। इस देरी के कारणाें से संतुष्ट होने पर ही अदालत इस पर सुनवाई करेगी। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार की अवैध निर्माण को वैध करने के लिए रिटेंशन पॉलिसी को रद्द कर दिया था।
सरकार ने रिटेंशन पॉलिसी लाकर टीसीपी एक्ट में संशोधन किया था, जिसे अधिवक्ता अभिमन्यु राठौर ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार की इस पॉलिसी को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था।
अब सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले में सुधार के लिए पुनर्विचार याचिका के साथ इसे दायर करने में हुई देरी को माफ करने का आवेदन दायर किया है। पुनर्विचार याचिका में सुधार के लिए याचिका 30 दिन के भीतर दायर करने का प्रावधान है।
इससे अधिक समय लगने पर याचिकाकर्ता को प्रत्येक दिन के हिसाब से देरी के कारण बताने पड़ते हैं। यदि अदालत देरी के कारणों से संतुष्ट होती है तो ही याचिका पर सुनवाई होती है। हाईकोर्ट ने गत वर्ष 22 दिसंबर को रिटेंशन पॉलिसी को खारिज कर दिया था। मामले पर अगली सुनवाई 28 मार्च को होगी।