पीजीटी के 394 पदों की भर्ती मामले में प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने राज्य सरकार और लोकसेवा आयोग को नोटिस देकर जवाब तलब किया है। प्रार्थी पवन ठाकुर ने याचिका दायर कर लोकसेवा आयोग की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के न्यायिक सदस्य डीके शर्मा की पीठ ने पवन ठाकुर द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद सरकार और आयोग को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
मामले पर आगामी सुनवाई चार जनवरी 2017 को होगी। प्रार्थी द्वारा दायर याचिका के अनुसार प्रदेश सरकार ने भेदभावपूर्ण तरीके से पीजीटी की भर्ती प्रक्रिया को स्टाफ सिलेक्शन कमीशन हमीरपुर से हटाकर लोकसेवा आयोग को सौंपा है। लोकसेवा आयोग लिखित परीक्षा के बाद इंटरव्यू से उम्मीदवार का चयन करता है जबकि स्टाफ सिलेक्शन कमीशन हमीरपुर लिखित परीक्षा पास करने वालों को सीधे तैनाती दे देता है।
इस चयन प्रक्रिया से योग्य उम्मीदवार चयन से वंचित रह जाते हैं। वर्ष 1988 से 2014 तक हिमाचल स्टाफ सिलेक्शन कमीशन हमीरपुर पीजीटी भर्ती के लिए उम्मीदवारों का चयन करता रहा है। इन दिनों हिमाचल प्रदेश लोकसेवा आयोग 14 विभिन्न विषयों में पीजीटी के 394 पदों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा ले रहा है। परीक्षा पास करने वालों का अब साक्षात्कार के बाद चयन किया जाएगा।