शिमला, चंबा, हमीरपुर से चार-चार, मंडी से तीन और ऊना से 38 निजी स्कूलों ने ही जानकारी उपलब्ध करवाई है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया है कि सरकारी आदेशों की अनदेखी करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला उपनिदेशकों के माध्यम से जानकारी नहीं देने वाले स्कूलों को नोटिस दिए जाएंगे। नोटिस के माध्यम से पूछा जाएगा कि क्यों न स्कूलों को दी गई एनओसी और मान्यता को रद्द किया जाए।
प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों ने बीते साल के मुकाबले फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी है। एडमिशन फीस की जगह निजी स्कूलों ने अब वार्षिक शुल्क और ट्यूशन फीस के नाम पर फीस बढ़ाई है।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने हर साल एडमिशन फीस लेने पर रोक लगाई है। बावजूद इसके राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में निजी स्कूल दोबारा से एडमिशन फीस वसूली जा रही है। शीतकालीन छुट्टियों वाले निजी स्कूलों में मार्च महीने से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया है।
फीस में बढ़ोतरी होने के मामले सामने आने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने बीते दिनों जिला उपनिदेशकों के माध्यम से सभी निजी स्कूलों से साल 2018-19 और साल 2019-20 की फीस का ब्योरा तलब किया। पांच मार्च तक रिपोर्ट निदेशालय में मांगी गई थी लेकिन मंगलवार शाम तक 53 स्कूलों ने ही जानकारी मुहैया करवाई है।