वाहनों की परमिट अवधि बढ़ाने की मांग को लेक ऑपरेटर कर रहे हैं आमरण अनशन, दिन में की जमकर नारेबाजी
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एसडीएम की तरफ से जारी हुआ है ऑपरेटरों को नोटिस अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला प्रशासन ने ऑल हिमाचल प्रदेश टैक्सी ऑपरेटर, ड्राइवर्स वेलफेयर एसोसिएशन को चौड़ा मैदान खाली करने का आदेश दिया है। चौड़ा मैदान में एसोसिएशन के अध्यक्ष राम रत्न शर्मा और अभि ठाकुर का चार दिन से आमरण अनशन चल रहा है। इसके साथ अन्य ऑपरेटर क्रमिक अनशन कर रहे हैं। नोटिस मिलने के बाद ऑपरेटरों ने कहा कि परमिट अवधि जब तक नहीं बढ़ाई जाती वह मैदान नहीं छोड़ेंगे।
पुलिस ने वीरवार को दोपहर तीन बजे एसडीएम शिमला का नोटिस ऑपरेटरों को थमाया और तुरंत अनशन स्थल खाली करने के निर्देश दिए। नोटिस में कहा है कि एडीएम शिमला ने एसोसिएशन को केवल 24 अगस्त को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चौड़ा मैदान में मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन की अनुमति दी थी। निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद टैक्सी ऑपरेटर एसोसिएशन ने स्थल खाली नहीं किया है। नोटिस में स्पष्ट किया है कि अनुमति से जुड़ी सभी शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है।
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प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से तुरंत जगह खाली कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि ऑपरेटर जगह खाली नहीं करते हैं तो प्रशासन को उन्हें हटाने के लिए कार्रवाई करनी पड़ेगी। नोटिस मिलने पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। सुबह से आमरण अनशन पर बैठे एसोसिएशन के अध्यक्ष राम रत्न शर्मा और अभि ठाकुर के साथ क्रमिक अनशन पर बैठे अजय मिर्जा, सोनू ठाकुर, मनोज चौहान, मनोज ठाकुर, पूनम नेगी, अनिल कुमार, विनय शर्मा, शशि शर्मा और बलवंत ठाकुर सहित राजधानी शिमला और प्रदेशभर की विभिन्न टैक्सी यूनियनों के पदाधिकारियों ने मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। अनशन पर बैठे दोनों ऑपरेटरों का वीरवार शाम 5 से 6 बजे तक मेडिकल चेकअप नहीं हुआ था। मौके पर मौजूद ऑपरेटरों और एसोसिएशन के चेयरमैन रविंद्र शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि आमरण अनशन पर बैठे दोनों लोगों की सेहत को कुछ होता है तो इसके लिए पूरी तरह सरकार जिम्मेदार होगी। अभि ठाकुर ने कहा कि टैक्सी ऑपरेटर सरकार से कुछ मांगने नहीं, बल्कि देने आए हैं। प्रदेश में 20 हजार से अधिक गाड़ियां हैं। परमिट की अवधि बढ़ने से इन ऑपरेटरों को राहत मिलेगी और वह प्रति टैक्सी सरकार को शुल्क चुकाएंगे, जिससे सरकार के खजाने में सालाना 80 करोड़ रुपये जमा होंगे।
उत्तराखंड में है परमिट की 25 साल अवधि
आमरण अनशन पर बैठे एसोसिएशन के अध्यक्ष राम रत्न शर्मा और अभि ठाकुर ने कहा कि यह टैक्सी ऑपरेटरों की रोजी-रोटी की लड़ाई है और वह गांधीवादी तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने फैसला ले लिया है, अब सरकार हमारी मांग पूरी करें। हम भी सरकार का अंग हैं, सरकार हमारे परिवारों की रक्षा करे। हम संविधान में विश्वास रखते हैं, अपनी बात कहने का हमें भी हक है। हमारी परमिट को अनलिमिटेड फिटनेस के आधार पर देने की मांग पूरी कर देगी, हम उसी दिन अनशन समाप्त कर देंगे। केंद्र सरकार ने परमिट की अवधि 15 साल तय की है तो वह प्रदेश में लागू क्यों नहीं हुई? उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और केरल जैसे राज्यों में 25 साल तक के परमिट दिए जा रहे हैं। फिटनेस के आधार पर परमिट की अवधि बढ़ाने में क्या परेशानी है?