एचपीयू शिमला के कर्मचारियों के बच्चों के लिए बीटेक कोर्स में आरक्षण के साथ भरी गई फीस का 50 फीसदी रिफंड करने का प्रावधान किया गया है। इससे पहले विवि कर्मियों के लाडलों को पीएचडी में सीधे प्रवेश देने के विशेष प्रावधान का मामला उजागर हुआ था।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला के कर्मचारियों के बच्चों के लिए बीटेक कोर्स में आरक्षण के साथ भरी गई फीस का 50 फीसदी रिफंड करने का प्रावधान किया गया है। इससे पहले विवि कर्मियों के लाडलों को पीएचडी में सीधे प्रवेश देने के विशेष प्रावधान का मामला उजागर हुआ था। विवि के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (यूआईटी) के सेल्फ फाइनेंशिंग बीटेक कोर्स में प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला दिया जाता है। इसमें यूनिवर्सिटी कर्मचारियों के बच्चों के लिए हर विभाग में तीन-तीन सीटें आरक्षित रहती हैं। इसकी अलग से मेरिट तैयार कर प्रवेश दिया जाता है।
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एचपीयू की 7 जुलाई, 2020 को हुई कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में स्पॉट आइटम के रूप में रखे प्रस्ताव को मंजूरी दिलाई गई। बैठक कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार की अध्यक्षता में हुई थी। इसमें स्पॉट आइटम नंबर 30 के रूप में चर्चा के बाद लिए निर्णय में ईसी ने यूआईटी के सेल्फ फाइनेंशिंग योजना के तहत विवि कर्मियों के बच्चों के लिए आरक्षित तीन सीटों पर प्रवेश पाने वालों की 50 फीसदी फीस रिफंड करने को मंजूरी दी गई। फीस रिफंड करने के निर्णय को पूर्व में इस संदर्भ में लिए गए ईसी के फैसलों को सुपरसीड कर तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात भी लिखी गई। उधर, विवि के यूआईटी के निदेशक प्रो. पीएल शर्मा ने कहा कि ईसी के फैसले के अनुसार विवि कर्मचारियों के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों पर दी गई 50 फीसदी फीस को लौटाया गया है।
कर्मचारियों के बच्चों के लिए छूट का है प्रावधान
यूआईटी में पहले से प्रवेश प्रक्रिया में ओपन मेरिट में आने वाले एचपीयू के कर्मचारियों के बच्चों को सीट आवंटित होने के बाद ट्यूशन फीस में छूट का प्रावधान है। तीन अतिरिक्त सीटें विवि कर्मचारियों के तीन बच्चों के लिए बीटेक के हर विभाग में आरक्षित रहती हैं।