हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए बर्नाई गई योजनाएं फाइलों में ही दफन हो गई हैं। सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा देने के लिए मुख्यमंत्री नित नई घोषणाएं कर रहे हैं लेकिन प्रदेश की अफसरशाही इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए कतई गंभीर नहीं है।
साल 2016 के बजट भाषण में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना शुरू करने की घोषणा की थी। योजना के तहत प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों में दो-दो मॉडल स्कूल खोले जाने थे। मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम बनने थे। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए काम किया जाना था।
सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को मॉडल स्कूल में बदला जाना था
कॉन्वेंट स्कूलों को टक्कर देने के लिए पहले चरण में हर विधानसभा क्षेत्र में दो मॉडल स्कूल खुलने थे। योजना के सफल रहने पर मॉडल स्कूलों की संख्या बढ़ाई जानी थी। लेकिन, दुर्भाग्यपूर्ण है कि घोषणा होने के करीब एक साल बाद भी हिमाचल में एक मॉडल स्कूल भी नहीं खुल सका है।
अफसरशाही की लेटलतीफी के चलते सरकारी स्कूलों का स्वरूप बदलने के लिए की गई बजट घोषणा फाइलों में ही घूमने को मजबूर है। योजना के तहत प्रदेश के सभी विधायकों से मॉडल स्कूल बनाने के लिए प्राथमिकता ली जानी थी। अधिक से अधिक विद्यार्थियों को कवर करने वाले सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को मॉडल स्कूल में बदला जाना था।
कॉलेजों में शुरू नहीं हो पाई वोकेशनल डिग्री
साल 2016 के बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के दस कॉलेजों में बैचलर ऑफ वोकेशनल डिग्री की पढ़ाई शुरू करने की घोषणा भी की थी। लेकिन शैक्षणिक सत्र 2016-17 में किसी भी कॉलेज में वोकेशनल कोर्स शुरू नहीं हो सका।
हालांकि इस योजना को लेकर अफसरों ने कुछ गंभीरता जरूर दिखाई लेकिन जब तक प्रदेश के अफसर जागे, कॉलेज में सत्र शुरू हो गया था। ऐसे में वीवॉक करने के लिए विद्यार्थी ही नहीं मिल सके। अब शैक्षणिक सत्र 2017-18 से डिग्री शुरू करने की योजना है।
लैपटॉप, वर्दी और किताब आवंटन में अव्वल
दसवीं और जमा दो कक्षा के दस हजार मेधावी विद्यार्थियों को बीते साल समय से लैपटॉप दिए गए। सरकार की ओर से पहली से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को निशुल्क वर्दी भी समय से उपलब्ध करवाई गई।
निशुल्क किताबों के आवंटन को लेकर भी विभागीय अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाई। साल 2015 के दौरान इन तीनों क्षेत्रों में भी अफसरों ने बहुत देरी से काम किया था।
मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना लागू करने के लिए लगभग तैयारी है। मॉडल स्कूल में तब्दील करने वाले स्कूलों का चयन कर लिया गया है। जल्द ही मॉडल स्कूलों की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। -आरडी धीमान, प्रधान सचिव शिक्षा