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Shimla News: आलू बीज पर नहीं मिलेगी सब्सिडी, प्रति क्विंटल 275 रुपये अधिक देने होंगे

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किसानों को प्रति क्विंटल चुकाने पड़ेंगे 3,950 रुपये, विक्रय केंद्रों में कुफरी ज्योति बीज की बिक्री शुरू
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1,170 क्विंटल कुफरी ज्योति बीज बाटेंगा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले के किसानों को इस साल आलू के बीज पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। किसानों प्रति क्विंटल बीज के 275 रुपये ज्यादा चुकाने पड़ेंगे। कृषि विभाग शिमला इस बार 1,170 क्विंटल आलू की कुफरी ज्योति किस्म का बीज किसानों को बांटेगा।
जिला के कृषि विक्रय केंद्रों पर इसकी बिक्री शुरू हाे गई है। बीते साल यह बीज किसानों को 25 फीसदी सब्सिडी के साथ 3,675 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मिला था। किसानों को एक किलो बीज 36.75 रुपये में मिला था। इस वर्ष बिना सब्सिडी के किसानों को एक क्विंटल बीज के 3,950 रुपये और एक किलो बीज के 39.50 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। शुरुआत में जब किसानों से आलू के बीज के लिए डिमांड मांगी थी तो उस समय विभाग के पास 1400 क्विंटल बीज की मांग आई थी। इसके बाद जब विभाग की ओर से मांग रिवाइज की गई तो किसानों को पता चला की इस बार बीज पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। इसके बाद 230 क्विंटल बीज की डिमांड और कम हो गई थी।
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आलू की कुफरी ज्योति बीज की रामपुर, टुटू और मशोबरा में सबसे ज्यादा मांग रहती है। इसके अलावा बसंतपुर, ननखड़ी, चौपाल, नारकंडा और जुब्बल में भी बीज की खेप भेज दी है। हर साल बीज कृषि विक्रय केंद्रों में हाथोंहाथ बिक जाता है। यह बीज सबसे अच्छा माना जाता है। इसकी फसल कम पानी में भी तैयार हो जाती है।
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परिवहन का खर्चा बढ़ने से बढ़े दाम
कृषि विभाग के उपनिदेशक अजब कुमार नेगी ने बताया कि मनाली में यह बीज 3500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था। वहां से शिमला लाया गया और उसके बाद यह बीज विक्रय केंद्रों भेजा गया। इस दौरान परिवहन का खर्चा ज्यादा आया है जिसके चलते बीज के दामों में हल्की बढ़ोतरी हुई है। बीज विक्रय केंद्रों पर उपलब्ध करवा दिया है। किसान इसे अपने नजदीकी विक्रय केंद्रों से जाकर खरीद सकते हैं।
-अजब कुमार नेगी, उप निदेशक, कृषि विभाग शिमला
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