एक तरफ तो सरकार शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन हकीकत कुछ और ही सामने आई है। हिमाचल प्रदेश के 51 सरकारी और निजी स्कूलों में एक भी विद्यार्थी दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा पास नहीं कर पाया। इनमें 29 निजी और 22 सरकारी स्कूल हैं। दसवीं में 37 स्कूलों और जमा दो में 14 स्कूलों का वार्षिक परिणाम शून्य रहा है।
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प्रदेश में 344 स्कूलों का परिणाम 25 फीसदी से कम रहा है। स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से शैक्षणिक सत्र 2016-17 के दौरान दसवीं और जमा दो की परीक्षाओं में खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के उच्च शिक्षा निदेशालय को दिए गए ब्यौरे में यह खुलासा हुआ है। अब खराब परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों में सरकार द्वारा गठित जांच कमेटी नतीजों की समीक्षा करने जाएगी।
12 से 16 जून तक चार सदस्यीय जांच कमेटी जिलों में शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से चर्चा कर खराब नतीजे आने के कारणों और नतीजों में सुधार लाने को लेकर मंथन करेगी। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार खराब नतीजे देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
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शिमला के सबसे बुरे हाल
जीरो रिजल्ट देने वाले स्कूलों में सबसे अधिक संख्या शिमला की है।
- फोटो : Demo pic
दसवीं कक्षा में जीरो रिजल्ट देने वाले स्कूलों में सबसे अधिक संख्या जिला शिमला की है। जिला शिमला के नौ स्कूलों का परिणाम शून्य रहा है। जिला कांगड़ा के सात, मंडी के छह, चंबा में चार, किन्नौर में दो, कुल्लू में दो, लाहौल स्पीति में दो, सिरमौर में दो, सोलन में दो और ऊना जिला में एक स्कूल का परीक्षा परिणाम शून्य रहा है।
जमा दो कक्षा में मंडी जिला के छह, कांगड़ा के पांच और जिला शिमला के दो स्कूलों का परिणाम शून्य है। हमीरपुर जिला में एक भी स्कूल का परिणाम शून्य नहीं रहा है। जिला के सिर्फ सात स्कूलों का दसवीं और तीन स्कूलों का जमा दो कक्षा में वार्षिक परिणाम 25 फीसदी से कम है। अन्य जिलों के कई स्कूलों का परिणाम 25 फीसदी से कम रहा है।
निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा जिला शिमला में 13 जून को, किन्नौर में 14 को, 15 को सोलन में और 17 को सिरमौर में बैठक करेंगे। राज्य विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पंकज ललित 12 से 15 तक ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर में बैठक करेंगे।
संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा (कॉलेज) डॉ. कृष्णा वैद 12 से 15 जून तक मंडी, कुल्लू और लाहौल स्पीति में बैठक करेंगी। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा (प्रशासन) 12 से 15 तक कांगड़ा और चंबा में बैठक करेंगे। सभी बैठकें जिला डाइट में होगी।
दसवीं और जमा दो कक्षा के वार्षिक परिणाम में जीरो रिजल्ट देने वाले सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों, हेडमास्टरों और शिक्षकों की शामत आने वाली है।
सूत्र बताते हैं कि जीरो रिजल्ट वाले स्कूलों के मुखियों को पहले नोटिस देकर खराब परिणामों का कारण पूछा जाएगा। इसके बाद इनकी इंक्रीमेंट बंद की जाएगी। इनकी एसीआर में खराब नतीजों का उल्लेख किया जाएगा। इनके तबादले भी किए जाएंगे।