हिमाचल में अस्पतालों में हिंसा और डॉक्टरों से मारपीट पर अब सीधे जेल होगी। राज्यपाल की मंजूरी के बाद प्रदेश में नया कानून लागू कर दिया गया है। संशोधित मेडिपर्सन एक्ट में स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों से झगड़ा करने या हिंसा को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
दोषी पाए जाने पर तीन साल तक जेल हो सकती है। नए कानून का दुरुपयोग न हो, इसके लिए पुलिस को अस्पताल प्रमुख के माध्यम से ही शिकायत करने का प्रावधान किया गया है। कोई भी डॉक्टर सीधे शिकायत नहीं कर सकता।
बजट सत्र में हिमाचल का संशोधित मेडिपर्सन बिल पारित किया गया था। हिमाचल प्रदेश चिकित्सीय सेवा व्यक्ति और चिकित्सीय सेवा संस्था (हिंसा और संपत्ति के नुकसान का निवारण) संशोधन विधेयक 2017 ने राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब कानून का रूप ले लिया है।