राजधानी में भवनों की छतों को नहीं रंगने वाले मालिकों के खिलाफ छह दिन बाद 22 अप्रैल से कार्रवाई शुरू होगी। नगर निगम प्रशासन ने छतें रंगने के लिए भवन मालिकों को अंतिम मौका दिया है। 31 मार्च से बढ़ाकर अंतिम तारीख 21 अप्रैल की है।
शहर में कई भवनों की छतों को अभी भी रंग नहीं किया है। 22 अप्रैल को भवनों की छतों को नहीं रंगने वाले लोगों के नामों की लिस्ट नगर निगम हाईकोर्ट में सौंप देगा।
नगर निगम ने भवनों की छतें नहीं रंगने वाले करीब चार हजार भवन चिह्नित किए हैं। सभी लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं। कहा कि जो भवन मालिक नोटिस लेने से आनाकानी कर रहे थे। उनके घरों के बाहर दरवाजे पर नोटिस लगाए गए हैं।
नोटिस के बाद भी भवन मालिकों ने छतों को लाल या हरे रंग से नहीं रंगा तो ऐसे लोगों के नामों की सूची नगर निगम हाईकोर्ट को सौंपेगा।
नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लापरवाह भवन मालिकों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस चलाया गया। शहर के भवनों में एकरूपता लाने और सुंदरता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया है।
इस कार्रवाई के तहत भवन मालिकों को सिर्फ जुर्माना लगाकर नहीं छोड़ा जाएगा। एमसी के सहायक आयुक्त प्रशांत सरकेक ने भवन मालिकों से 21 अप्रैल से पहले छतों को रंगने की अपील की है।