मौसम में आए बदलाव और तापमान के अचानक घटने-बढ़ने से इस बार सेब के फलाें की असंतुलित सेटिंग हुई है। कहीं सेब के फल अच्छे से सेट हुए हैं तो कहीं सेब के पौधे खाली हैं। टाइडमैन, ग्रैनी स्मिथ जैसी सेब की किस्मों के फलों की सेटिंग पर मौसम की ज्यादा मार पड़ी है। विशेषकर पांच हजार फीट से लेकर सात हजार फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस तरह से अधिक नुकसान हुआ है। यहां पर ऐन पिंक बड निकलने या फ्लॉवरिंग से पहले मौसम बिगड़ गया और भारी बारिश होती रही।
कई क्षेत्रों में तो ओलावृष्टि और तेज हवाओं से भी नुकसान हुआ है। इससे सेब की फसल प्रभावित हुई है। अब मौसम खुल गया है तो इन क्षेत्रों में सेब के फलों की सेटिंग प्रभावित होने लगी है। टाइडमैन, समर क्वीन, रेड जून जैसी किस्मों में जल्दी फ्लॉवरिंग हो जाती है तो ऐसे में इसी तरह की किस्मों में फलों की सेटिंग नहीं हुई है और समय से पहले पत्ते आ गए हैं।
बागवान कुलदीप कांत शर्मा ने बताया कि इस बार मौसम के अनुकूल न रहने से टाइडमैन, समर क्वीन जैसी सेब किस्मों की फल सेटिंग प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि और असमय बारिश से भी सेब की अन्य किस्मों पर फलों की सेटिंग पर गलत असर पड़ा है।