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सिपाही भर्ती में सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण नहीं, पढ़ें पूरा मामला

Tue, 05 Mar 2019 01:59 PM IST
ashok chauhan प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भले ही नई भर्तियों में सामान्य वर्ग को दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने का एलान किया हो, लेकिन रविवार को अधिसूचित हुई पुलिस कांस्टेबल की 1063 पदों की भर्ती आरक्षण के पुराने ढांचे के अनुसार ही होगी।

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बजट सत्र के दौरान खुद मुख्यमंत्री ने भी एलान किया था कि नई भर्तियों में नई आरक्षण व्यवस्था लागू होगी लेकिन नई आरक्षण व्यवस्था लागू करने में हो रही देरी के बीच खुद शासन ने ही पुलिस मुख्यालय को पुरानी प्रक्रिया के तहत भर्ती करने की मंजूरी दे दी।

केंद्र सरकार ने अपने बजट सत्र के दौरान सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक संसद से पारित करा लिया। 

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इसके बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एलान किया कि हिमाचल जल्द से जल्द केंद्र की तर्ज पर प्रदेश में मौजूद सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दस प्रतिशत आरक्षण का लाभ देगी।

प्रदेश के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस में इस संबंध में आधिकारिक तौर पर निर्देश भी जारी करने की बात कही। इसके बाद माना जाने लगा कि अब प्रदेश में जिस भी भर्ती की अधिसूचना होगी उसमें नई आरक्षण व्यवस्था के तहत गरीब सवर्णों को लाभ मिलना था।

लेकिन इस बीच सरकार ने इस आरक्षण व्यवस्था को लागू करने के लिए खाका तैयार करने के उद्देश्य से तीन मंत्रियों की एक कैबिनेट सब कमेटी गठित कर दी। लेकिन कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप पाती और नई व्यवस्था लागू होती, उससे पहले ही प्रदेश सरकार ने 18 फरवरी को प्रदेश पुलिस को सिपाही भर्ती करने की मंजूरी दे दी।

जिसके बाद अब पुलिस ने अधिसूचना जारी कर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीजीपी सीताराम मरडी ने कहा कि सरकार से भर्ती के लिए मंजूरी मांगी गई थी और उनसे मंजूरी मिलनेे के बाद ही भर्ती की अधिसूचना जारी की गई है। अगर आगे सरकार कोई निर्देश जारी करेगी तो उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।
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