हिमाचल में अवैध भवनों को नियमित करने की बजाय सरकार ने टीसीपी से ही क्षेत्रों को बाहर करने का फैसला लिया है। अवैध भवनों को नियमित करना मुश्किल है। ऐसे में सरकार उन क्षेत्रों को बाहर करेगी, जो कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान टीसीपी में शामिल हुए हैं।
विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान ही कैबिनेट सब कमेटी की बैठक होगी। इसमें क्षेत्रों को बाहर करने पर चर्चा की जाएगी। शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने विधानसभा में प्रश्न के उत्तर में अवैध भवनों को नियमित करने के लिए पॉलिसी लाने की बात को नकारा है।
हिमाचल में तीस हजार के करीब अवैध भवन हैं। शहरी क्षेत्रों में इनकी संख्या 10 हजार के करीब है। पार्टी के नेता ही लोगों को अवैध भवनों को नियमित करने का सपना दिखाती है।
इसके चलते अवैध भवनों को बढ़ावा मिला है। अब सरकार के लिए यह आफत बने हैं। दूसरे, एनजीटी ने भी हिमाचल में भवन संबंधित मामलों में कई निर्देश दिए हैं। ऐसे में सरकार भवन नियमित करने के मामले में दिलचस्पी नहीं ले रही है।