आखिर सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित बख्शो के परिजनों की फाइल कहां गुम हो गई। सरकारी आदेशों पर पड़ताल बताती है कि ग्राम सभा की बैठक में ईसपुर पंचायत ने बख्शो की मां विमला देवी और बुजुर्ग नाना दाताराम को पेंशन दिलाने की पहल तो की, लेकिन यह फाइल आगे नहीं सरक सकी। इसके लिए कौन जिम्मेवार है, यह विभागीय जांच तय करेगी।
बहरहाल, ‘अमर उजाला’ में मुद्दा उठने के बाद सरकार के आदेशों पर जिला लोक संपर्क विभाग ने अपनी रिपोर्ट निदेशालय को भेज दी है। जानकारी के अनुसार 16 अप्रैल, 2012 को ग्राम सभा में ईसपुर पंचायत ने कुल 33 लोगों के नाम सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए प्रस्तावित किए। इनमें 15वें नंबर पर विमला देवी का नाम शामिल था।
कायदे से विमला देवी का आवेदन सामाजिक सुरक्षा पेंशन की बजाय विधवा पेंशन के लिए भेजा जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विमला देवी की उम्र मौजूदा समय में 47 वर्ष है, जबकि 60 वर्ष से ऊपर के लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हकदार हैं।