हिमाचल में 25 फीसदी किराया बढ़ोतरी के चौतरफा विरोध के बीच परिवहन विभाग की अधिसूचना अधर में फंस गई है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस मामले पर अधिकारियों की बैठक होनी थी, लेकिन यह अब टल गई है। बताया जा रहा है कि सोमवार को सरकार इसकी अधिसूचना जारी कर सकती है। उधर, निजी बस ऑपरेटर 50 फीसदी किराया बढ़ोतरी की मांग पर अड़े हैं।
ऑपरेटरों ने कहा है कि सरकार खर्चा वहन करे या हमारी बसें खुद चलाए। कैबिनेट में जब किराये बढ़ोतरी के मामले में चर्चा हो रही थी तो उस समय 50 फीसदी किराया बढ़ोतरी पर सहमति नहीं बन पाई। सभी सदस्यों ने इसे आधा यानी 25 फीसदी तक किए जाने की बात कही। जबकि, न्यूनतम किराया पर मंत्रिमंडल एकमत नहीं रहा।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रदेश में बवाल मच गया। विपक्ष ने सरकार पर हमला बोल दिया। इसके साथ अन्य राजनीतिक दल भी जनता का विश्वास जीतने के लिए अपना विरोध प्रकट करने लगे। इसके बाद परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि किराया बढ़ोतरी के मामले में कैबिनेट में चर्चा हुई। किराया बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला होना है। इससे यह तो साफ है कि अधिसूचना जारी होने के बाद इसे लागू किया जा सकेगा।