राज्य के पंडोगा और कंदरोड़ी में सरकार में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए हैं। यहां अभी तक एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का रास्ता साफ नहीं हुआ है। चन्नौर में सरकार 200 कनाल क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी में है। पूर्व सरकार ने ऊना से बसाल में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया था। यहां करोड़ों की लागत से व्यावसायिक भवन का निर्माण किया था। यहां भी कोई आने को तैयार नहीं है।
आसान नहीं धारा 118 में सरकार से मंजूरी लेना
सरकार भले की दावा करती है कि उद्योग लगाने को सरकार धारा 118 के तहत मंजूरी देती है। बताते हैं कि राज्य में उद्योग लगाने को कम से कम दो साल का समय लगता है। ऐसी स्थिति में उद्योगपतियों के धैर्य का बांध टूटने लगता है।
फोनलेन तैयार नहीं, हवाई कनेक्टिविटी कमजोरी
सीआआई की पिछले दिनों शिमला में हुई बैठक में सदस्यों ने यह मामला प्रमुखता से उठाया था कि जब तक फोरलेन तैयार नहीं किए जाते और हवाई कनेक्टिविटी मजबूत नहीं होगी, तब तक पूंजीपतियों को आकर्षित नहीं किया जा सकता।
सरकार समीक्षा कर रही है कि राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में कितने प्लॉट खाली हैं। निवेशकों को उद्योग लगाने के लिए राज्य में जमीन उपलब्ध है। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आएगी। - बिक्रम सिंह, उद्योग मंत्री