मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को सदन में कहा कि अगली मंत्रिमंडल बैठक तक छात्रों का बस पास भाड़ा नहीं बढ़ेगा। मंत्रिमंडल बैठक में बीओडी के फैसलों पर अंतिम मुहर लगाने से पहले गंभीरता से विचार किया जाएगा।
विधायक राकेश सिंघा ने नियम 62 के तहत सदन में यह मामला उठाया और कहा कि छात्रों का बस पास भाड़ा नहीं बढ़ाया गया है। इसे तुरंत वापस लिया जाए। छात्रों के बस पास भाड़े में पचास फीसदी से ज्यादा की वृद्धि की गई है।
महिलाओं से एचआरटीसी बसों में 25 फीसदी कम भाड़ा लिया जाता है, परंतु छात्राओं को इस लाभ से वंचित रखा गया है। सरकार स्कूल बस पास भाड़े में की वृद्धि को तुरंत वापस ले। अन्यथा, लोग इस मुद्दे पर आंदोलन की तैयारी में हैं।
इसके बाद परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि निगम ने 255 करोड़ का लोन लिया है। इसे अभी चुकाया जाना है। निगम के बेड़े में 1275 बसें हैं। 3000 चालक, परिचालक और मेकेनिक तैनात हैं। पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा से एचआरटीसी का बस भाड़ा कम है।
लंबे समय से किराए में वृद्धि नहीं की गई थी। इस कारण स्कूली बस पास भाड़े में वृद्धि करनी पड़ी। पिछले कई साल से डीजल के दाम, टायरों के रेट और कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि हुई है। जो डीजल 2013 में 38 रुपये प्रति लीटर था, वह आज 67 रुपये लीटर हो गया है।
अभिभावकों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को एचआरटीसी बस पास के स्लेब में 50 फीसदी वृद्धि के खिलाफ मांग पत्र सौंपा। अभिभावकों ने कहा कि 88 बसों में रोजाना तीन हजार बच्चे सफर करते हैं। सीएम जयराम ने आश्वासन दिया कि बस पास के स्लेब में वृद्धि नहीं की जाएगी।