जी हां, यदि कोई आपसे कहे कि शादी में अब आपको खाना नहीं मिलेगा तो आप चौंक जरूर जाएंगे। मगर इस तरह की एक अनूठी पहल शुरू हो रही है। हिमाचल के जिला हमीरपुर के बड़सर के लोगों ने एक नई पहल करने की ठानी है।
यहां अब शादी समारोह में खाना खाने के बाद रिश्तेदारों को घर ले जाने के लिए भोजन नहीं मिलेगा। इससे शादी समारोह का खर्चा घटेगा। वहीं अन्न भी बचेगा। पंचायत की ग्राम सभा में निर्णय लिया है।
दरअसल हिमाचल के कई इलाकों में ऐसी रिवाज है। यहां शादी के बाद लोग टिफिन, लिफाफे आदि में घरों के लिए भी खाना लेकर जाते हैं। शादी में खाना खाने के बाद ही ये रसोई में जाकर अपने घर के लिए भी खाना पैक करवाते हैं जिस पर अब रोक लगने वाली है।
लोगों ने किया स्वागत
इस पहल का लोग स्वागत कर रहे हैं। प्रदेश में शादी समारोह में रिश्तेदार खाना खाकर घर के लिए भी खाना ले जाते हैं। टिफिन या फिर लिफाफों में रिश्तेदारों को धाम भेजी जाती है। इस परंपरा को तोड़ने के लिए बड़सर के ग्रामीण आगे आए हैं। फैसला लिया कि अब किसी को भी धाम घर नहीं भेजी जाएगी। शादी समारोह में भाग लेने वाले ही धाम का स्वाद चख पाएंगे।
पंचायत के पूर्व उपप्रधान देश राज विज ने बताया कि कई लोग बड़े टिफिनों में अधिक मात्रा में घरों को खाना ले जाते हैं। टिफिन प्रथा बढ़ने से अधिकतर खाना व्यर्थ ही होता है तथा आयोजकों को खाना पकाने का आकलन लगाना मुश्किल हो जाता है।
लोग मिलकर बंद करेंगे प्रथा
कई जगह टिफिन के स्थान पर पॉलीथिन में भोजन ले जाते हैं। कहा कि पंचायत के लोग सामूहिक निर्णय से टिफिन प्रथा को बंद करेंगे। अनाज बचाने के लिए एक सराहनीय कदम होगा वहीं गरीब परिवार को आयोजन पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि अन्न की व्यर्थ होने से बचाने के लिए गांवों में प्रचार प्रसार किया जाएगा तथा कमेटी का भी गठन किया जाएगा। पंचायत प्रधान बड़सर सेवादास का कहना है कि ग्रामसभा में टिफिन प्रथा को बंद करने का प्रस्ताव पारित हुआ है। ग्रामीणों ने प्रचार प्रसार के लिए अपने स्तर पर कमेटी गठित करने भी निर्णय लिया है।