उधर, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जमवाल ने बताया कि एसएमसी शिक्षकों के सेवा विस्तार को लेकर कानूनी राय ली जा रही है। जल्द ही सरकार को नया प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में शिक्षकों की मौजूदगी सुनिश्चित करवाई जाएगी। स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित नहीं होने देंगे। एसएमसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज रौंगटा ने कहा कि हाईकोर्ट ने सेवा विस्तार पर रोक नहीं लगाई है। सिर्फ नई भर्तियां एसएमसी से न करने को कहा है।
ऐसे में छात्र हित में सरकार जल्द सेवा विस्तार दे। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से एसएमसी शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 300 से ज्यादा प्राइमरी, मिडल और हायर स्कूल सिर्फ एसएमसी शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। दुर्गम, दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों के जिन स्कूलों में नियमित शिक्षकों से जाने से इंकार किया वहां एसएमसी शिक्षक गए हैं।