हिमाचल में न तो कोई अस्पताल और न ही सरकारी दफ्तर पूरी तरह पर्यावरण फ्रेंडली हैं। प्रदेश का कोई भी अस्पताल पर्यावरण नेतृत्व के पहले और दूसरे पुरस्कार के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया है। न ही कोई सरकारी दफ्तर इसके लिए पात्र पाया गया है। अस्पतालों में से केवल दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (रिपन) शिमला और सरकारी दफ्तरों में आईटी भवन को केवल सांत्वना अवार्ड अथवा प्रशस्ति पत्र मिले हैं।
बुधवार को पीटरहॉफ शिमला में पर्यावरण दिवस पर वर्ष 2018-19 के लिए पर्यावरण नेतृत्व अवार्ड दिए गए। कुल सात प्रथम, द्वितीय और नौ सांत्वना पुरस्कार दिए गए। नौ श्रेणियों में दिए गए 27 पुरस्कारों में सातवीं श्रेणी अस्पतालों की थी। इसमें प्रथम और दूसरे पुरस्कार के लिए दिए गए कॉलम ‘नन फाउंड सूटेबल’ लिखकर खाली छोड़े गए।
इसी तरह कार्यालय परिसरों में भी पहले और दूसरे पुरस्कार वाले कॉलम में ‘नन फाउंड सूटेबल’ अंकित किया गया। शहरी निकायों में से भी किसी भी निकायों को पहले पुरस्कार के लिए उपायुक्त नहीं पाया गया। स्कूलों को छोड़कर किसी भी शिक्षण संस्थान के लिए चयन नहीं हुआ है। यह पुरस्कार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के हाथों से दिए गए।
इन्हें मिले सम्मान (ग्राम पंचायत)
ग्राम पंचायत धमून, ग्राम पंचायत ककीरा कस्बा को पहला पुरस्कार
ग्राम पंचायत आइमा जिला कांगड़ा और ग्राम पंचायत लाना भालटा को दूसरा पुरस्कार
व्यक्तिगत पुरस्कार
नरेंद्र सिंह जम्वाल डिप्टी डीईओ प्रारंभिक शिक्षा मंडी को पहला
वीरेंद्र सिंह कंवर वीसी चतकारा विवि और जवाहर लाल हेड कांस्टेबल को दूसरा पुरस्कार
सांत्वना पुरस्कार शिवम ठाकुर विद्यार्थी आईआईटी रुड़की और लाल चंद को पर्यावरण विभाग शिमला
एनजीओ पुरस्कार
भूपेंद्र गांधी, अंबुजा सीमेंट और ललित जैन डीसी सिरमौर को पहला पुरस्कार
तोगचंद ठाकुर लाहौल-स्पीति को दूसरा
सांत्वना पुरस्कार आशा देवी नगरोटा बगवां
औद्योगिक क्षेत्र में पुरस्कार
एडी हाईड्रो पावर लि. मनाली और इंदोराम इंडस्ट्री बद्दी दूसरा पुरस्कार
- सांत्वना पुरस्कार - एनटीपीसी कौल डैम
शहरी निकाय (यूएलबी)
पहला - नन फाउंड सूटेबल
दूसरा पुरस्कार - एमसी घुमारवीं
सांत्वना पुरस्कार - डॉ. किमी सूद पार्षद शिमला
स्कूल
पहला पुरस्कार - रावमापा संगड़ाह
दूसरा - रावमापा कुजी पच्छाद और रावमापा राजपुरा
सांत्वना पुरस्कार - रावमापा भठियान और रावमापा हिमगिरी