प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद शिमला पुलिस ने बंधित और प्रतिबंधित सड़कों पर सख्ती बरतना शुरू कर दी है। रविवार को शिल्ली चौक से शिमला कल्ब की ओर जाने वाली गाड़ियों को रोका गया। रेलवे बोर्ड बिल्डिंग से सीटीओ वाली सड़क पर भी पुलिस की चौकसी रही। परमिट धारक अपने वाहनों को ले जाने पर डयूटी पर मौजूद पुलिस कर्मियों के साथ उलझते रहे।
लेकिन पुलिस प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों की दुहाई देकर उन्हें मौके से वापिस जाने के निर्देश देती रही। जिन्होंने पुलिस के निर्देशों को नहीं माना, उन पर पुलस ने नियम के तहत कार्रवाई भी अमल में लाई। प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद अफसरशाही में हड़कंप मचा हुआ है। उन्हें भी अब सीटीओ तक जाने आने के लिए पैदल पसीना बहाना पड़ रहा है।
रेलेवे बिल्डिंग से लेकर सीटीओ चौक तक रोजाना अफसरों की गाड़ियों की आवाजाही रहती है। सचिवालय, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और शहर के वरिष्ठ नागरिकों की परमिट वाली गाड़ियां इसी सड़क पर दौड़ती है। एचआरटीसी की टैक्सी भी इसी रोड पर चलती है। जो गर्भवती महिलाओं, अपंग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध की गई है। लेकिन सोमवार से इस टैक्सी पर भी रोक है।
एचआरटीसी देगा सुविधा
अगर यह रूट पर चलती है तो इसका भी चालान काटा जाएगा। पुलिस प्रशासन उच्च न्यायालय के आदेश मानने को बाध्य है। उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचने के लिए केवल एक मात्र विकल्प है। विंटर फिल्ड से वाया कमांड होते हुए आप डीसी आफिस तक पहुंच पाऐंगे लेकिन यह सिंगल रोड है यहां पैदल चलने वालों की आवाजाही बहुत अधिक रहती है।
इस तंग सड़क पर दो छोटी गाड़ियों का एक साथ क्रास होना तक मुश्किल होता है। उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद पुलिस के लिए इस सड़क पर ट्रैफिक कंट्रोल करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। हालांकि कोर्ट के इस फैसले से शहर के बंधित और प्रतिबंधित सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों को जरूर राहत मिलेगी।
इस बारे में पथ परिवहन निगम के क्षेत्रिय प्रबंधक देवासेन नेगी ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों, विकलागों के लिए चलाई जा रही ही एचआरटीसी की टैक्सियां चलती रहेगी। क्योंकि न्यायालय ने इस श्रेणी के लोगों के लिए विशेष छूट दी है।
आदेशों के मुताबिक वाहनों की आवाजाही पर रहेगी रोक- एसपी
एसपी डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि अदालत के आदेशानुसार शिमला कल्ब से लिफ्ट और रेलवे बोर्ड बिल्डिंग से सीटीओ तक की सड़क पर कोई भी गाड़ी नहीं चलेगी। केवल आपातकालीन स्थिति में चलने वाली गाड़ियों को छूट होगी। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की सख्ती से अनुपालना की जाएगी।