भारत तिब्बत सीमा के साथ लगती नमज्ञा पंचायत के डोगरी नाले में हिमखंड की चपेट में आए तीन जवानों का 14वें दिन भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। सुबह सात बजे से शाम साढ़े छह बजे तक सैकड़ों जवान और ग्रामीण लापता हुए सेना के तीन जवानों को तलाशने में जुटे रहे, लेकिन दो बार आए हिमखंड और बर्फबारी के कारण बर्फ की मोटी परत में लापता जवानों को ढूंढने में सफलता नहीं मिल पा रही। हालांकि अभी तक हिमखंड में दबे छह जवानों में से तीन जवानों के शव ही मिल पाए हैं।
13वें दिन सोमवार को डोगरी नाले में हिमखंड की चपेट में आए जवानों की तलाश कर रही रेस्क्यू टीम को जवान गोविंद छेत्री का शव मिला था, जिसे पूह स्थित सेना के बेस कैंप पहुंचाया गया था। पश्चिम बंगाल के बिनागुरी से संबंध रखने वाले जवान गोविंद छेत्री का शव मंगलवार को वायु सेवा के जरिए उसके परिजनों के पास भेजा गया।
तीन जवानों की तलाश में अभी भी रेस्क्यू टीम जुटी हुई है। भारतीय सेना, आईटीबीपी, डीआरडीओ, चंडीगढ़, कश्मीर और लद्दाख से आए ग्लेशियर विशेषज्ञ दल के करीब 500 लोग सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं। एडीएम पूह शिव मोहन सेनी ने बताया कि 14वें दिन सर्च ऑपरेशन चलता रहा, लेकिन तीन जवानों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। बुधवार को भी सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।