हिमाचल प्रदेश सचिवालय ने भ्रष्टाचार की ढेरों शिकायतें रोक ली हैं। विजिलेंस ब्यूरो ने बहुत सी शिकायतें सरकार को अनुमति के लिए भेजीं, मगर इन पर फैसला नहीं हो पाया है। नए विजिलेंस मैनुअल के मुताबिक विजिलेंस को किसी भी इन्कवायरी को मार्क करने के लिए सरकार से अनुमति लेनी होती है, मगर सरकार ने इन्हें मंजूरी नहीं दी है। लोकसभा चुनाव में पिछले कई महीनों से व्यस्तता के कारण भी सरकार इन पर निर्णय नहीं ले पाई है।
पहले जब भी स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो को कोई शिकायत मिलती थी तो इसे ब्यूरो अपने स्तर पर इन्कवायरी के लिए मार्क कर सकता था। मगर हाल ही में विजिलेंस मैनुअल में हुए बदलाव के बाद अब ऐसा नहीं होगा। राज्य सरकार ही इस बात को तय करेगी कि किस शिकायत पर जांच की जानी है और किस पर नहीं।
ऐसे में विजिलेंस ब्यूरो मुख्यालय में जो भी शिकायत आ रही हैं, उसे सरकार को फॉरवर्ड किया जा रहा है। राज्य सरकार का गृह विभाग इन तमाम शिकायतों को फिलहाल अपने पास थामे हुए है। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि जल्दी ही इन शिकायतों पर विचार-मंत्रणा होगी और विजिलेंस ब्यूरो को प्रेषित किया जाएगा।