फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं संभले तो प्रदूषित शहरों में शुमार हो जाएगा कुल्लू-मनाली

Wed, 05 Jun 2019 01:15 PM IST
अरविन्द ठाकुर रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

ठंडी-ताजी हवा और शुद्ध वातावरण के लिए प्रसिद्ध कुल्लू-मनाली की आबोहवा भी खराब होने लगी है। वायु प्रदूषण के एयर क्वालिटी इंडेक्स के अनुसार घाटी की वायु में पीएम-2.5 के साथ पीएम-10 दोनों स्तर में भारी इजाफा हुआ है। सात साल के अंदर ही कुल्लू-मनाली के वायु प्रदूषण लगभग दोगुना बढ़ गया है।

विज्ञापन


वायु प्रदूषण में हुई रिकार्ड वृद्धि लोगों की सेहत के लिए अच्छा संकेत नहीं है। घाटी में बढ़ रहे प्रदूषण का कारण फोरलेन निर्माण के साथ लगातार वाहनों की बढ़ती संख्या और जंगलों में लग रही आग मुख्य कारण है। हालांकि, कुल्लू-मनाली में उद्योग कम हैं बावजूद वायु प्रदूषण में हो रही वृद्धि से मौहल स्थित जीवी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान के वैज्ञानिक भी चिंतित हैं।

इसका खुलासा भी संस्थान में चल रहे पर्यावरण पर हुए शोध से हुआ है। संस्थान के प्रभारी डॉ. एसएस सावंत, वरिष्ठ वैज्ञानिक पर्यावरण डॉ. रेनूलता और वरिष्ठ अनुसंधानकर्ता भीम चंद ने कहा कि शोध में जो आंकड़े सामने आए हैं वह चौंकाने वाले हैं। वायु की बिगड़ती गुणवत्ता से मनुष्य कई बीमारियों की जकड़ में आ रहा है। इसमें सांस संबंधी बीमारियां, फेफड़ों का कैंसर शामिल हैं।
विज्ञापन


संस्थान के वैज्ञानिकों का कहना है कि वायु में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे। जंगलों को आग से सुरक्षित रखना होगा। मनुष्य को व्यक्तिगत यातायात के बजाए सार्वजनिक यातायात को ज्यादा महत्व देने की जरूरत है। तभी हम आने वाली पीढ़ी के लिए वायु मंडल को स्वच्छ रख पाएंगे। 

कुल्लू-मनाली में बढ़ा वायु प्रदूषण
वर्ष                पीएम-10 की मात्रा          पीएम-2.5 की मात्रा 
मई 2011           31.7                              15.8
जून-2011          35.9                              41.8
जून-2017          48.3                              23.8
जून-2018          56.6                              24.8

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें